गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी! खाते में आए ₹6.93 करोड़, अब तक ₹46.77 करोड़ का भुगतान पूरा

Monday, Feb 09, 2026-05:32 PM (IST)

कवर्धा। छत्तीसगढ़ के गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित, कवर्धा द्वारा किसानों को एक और बड़ी सौगात दी गई है। कारखाने ने हाल ही में 6.93 करोड़ रुपये की राशि जारी की है, जिससे अब तक कुल 46.77 करोड़ रुपये का भुगतान पूर्ण हो चुका है। समय पर और लगातार हो रहे भुगतान से क्षेत्र के गन्ना किसानों में संतोष और उत्साह का माहौल है। कलेक्टर एवं कारखाने के प्राधिकृत अधिकारी गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में भुगतान प्रक्रिया निरंतर जारी है। इससे न केवल किसानों का सहकारी व्यवस्था पर भरोसा मजबूत हुआ है, बल्कि कारखाने के सुचारु संचालन को भी मजबूती मिली है।

पेराई और उत्पादन में उल्लेखनीय प्रगति

कारखाना प्रबंधन के अनुसार वर्तमान पेराई सत्र में अब तक 2,33,455 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की जा चुकी है, जिससे 2,74,322 क्विंटल शक्कर का उत्पादन हुआ है। यह उपलब्धि किसानों के सहयोग, प्रशासनिक मार्गदर्शन और कारखाने की कार्यकुशलता का परिणाम मानी जा रही है।

सहकारिता को मजबूत करने की अपील

कारखाना प्रबंधन ने शेयरधारक सदस्य किसानों एवं गैर-सदस्य गन्ना उत्पादकों से सर्वे के अनुरूप अधिकतम गन्ना आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपील की है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि यह किसी प्रकार की चेतावनी नहीं, बल्कि सहकारी संस्था को सशक्त बनाने और किसानों के भविष्य को सुरक्षित रखने का सामूहिक प्रयास है। बताया गया कि पेराई सत्र 2024-25 और 2025-26 में सर्वे अनुमान के अनुसार गन्ना आपूर्ति नहीं होने से कारखाना अपनी पूर्ण पेराई क्षमता का उपयोग नहीं कर सका, जिससे पेराई अवधि प्रभावित हुई।

उपविधियों का हवाला

कारखाना प्रबंधन ने उपविधियों का उल्लेख करते हुए बताया कि धारा 07(02)(घ) के तहत सदस्य किसानों के लिए उत्पादित गन्ना कारखाने में देना अनिवार्य है, जबकि धारा 09(क)(05) में लगातार सर्वे के अनुरूप आपूर्ति नहीं करने पर सदस्यता समाप्त करने का प्रावधान है। प्रबंधन ने दोहराया कि इन नियमों का उद्देश्य दंड नहीं, बल्कि संस्था की निरंतरता और किसानों के दीर्घकालिक हितों की रक्षा है।

किसानों और श्रमिकों के लिए बहुआयामी पहल

भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना स्थापना काल से ही किसानों की आर्थिक-सामाजिक उन्नति का सशक्त माध्यम रहा है।

FRP के अतिरिक्त रिकवरी राशि व बोनस का भुगतान,रियायती दर पर शक्कर वितरण,उन्नत बीज एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम ,सर्वसुविधायुक्त बलराम सदन का निर्माण ,मात्र 5 रुपये में गरम भोजन उपलब्ध कराने वाली कैंटीन ,ये सभी पहल कारखाने की सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाती है 

अस्तित्व की रक्षा के लिए सामूहिक सहभागिता जरूरी

कारखाना प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि यदि पेराई लक्ष्य पूर्ण नहीं हुआ तो कारखाने का अस्तित्व संकट में पड़ सकता है। ऐसे में सभी सदस्य एवं गैर-सदस्य गन्ना उत्पादकों से अपील की गई है कि वे सर्वे के अनुरूप अधिकतम गन्ना आपूर्ति कर सहकारी व्यवस्था को मजबूत बनाएं और क्षेत्र के किसानों के उज्ज्वल भविष्य में सहभागी बनें।


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Content Editor

Himansh sharma

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