अमित बघेल को शर्त के साथ सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत, हाईकोर्ट फैसला रद्द, 3 महीने राजधानी में प्रवेश करने पर रोक
Friday, Jul 17, 2026-04:13 PM (IST)
(रायपुर): देश के उच्चतम न्यायालय से जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी सुप्रीमो अमित बघेल को बड़ी राहत मिली है। अमित बघेल को जमानत मिल गई है। अमित बघेल के लिए यह एक बड़ी राहत मानी जा रही है। बलौदाबाजार हिंसा मामले में कोर्ट ने जमानत पर मंजूरी दी है। वहीं इसके साथ ही उनके अलावा दो अन्य सह-आरोपियों को भी कोर्ट ने जमानत दे दी है। सह आरोपियों अजय यादव और दिनेश वर्मा को शर्त के आधार पर जमानत मिली है। वहीं अमित बघेल को जमानत मिलने से उनके समर्थकों में खुशी की लहर है।
शर्त के साथ अमित बघेल को जमानत
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने शर्त के साथ अमित बघेल को जमानत दी है। इसके तहत अमित बघेल अगले तीन महीने तक रायपुर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। मतलब कि उन्हें जिले से बाहर ही रहना होगा।
सुप्रीम कोर्ट में अमित बघेल की ओर से बी.वी. सुरेश और अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिहा ने पैरवी की। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जमानत का विरोध किया गया है। जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि इस मामले के दूसरे आरोपी करीब सात महीने से जेल में हैं। अमित बघेल को अभी हिरासत में कम ही समय हुआ है। इसी के चलते हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज की थी।
वही राज्य सरकार के इस तर्क पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केवल हिरासत की अवधि जमानत खारिज करने का आधार नहीं हो सकती। अदालत ने इस आधार को रिजेक्ट करते हुए हाईकोर्ट के आदेश को भी निरस्त कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और जांच से जुड़े सभी दस्तावेज रिकॉर्ड पर उपलब्ध हैं। ऐसे में आरोपी को अनिश्चितकाल तक जेल में रखना उचित नहीं है। इसी आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को जमानत दे दी।
आपको बता देते हैं कि अमित बघेल के खिलाफ तीन अलग-अलग मामले थे, इससे पहले सिंधी समाज के आराध्य के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मामले में भी अमित बघेल को राहत मिल चुकी थी। अब बलौदाबाजार हिंसा मामले में शर्त के साथ जमानत मिली है। एक-एक जमानत मिलने के बाद उनके रिहा होने का रास्ता साफ हो गया है।

