जमानत मिलने के बाद भारी पुलिस सुरक्षा के बीच घर रवाना हुए अनिल मिश्रा,समर्थकों का जेल के बाहर भारी जमावड़ा
Wednesday, Jan 07, 2026-09:45 PM (IST)
ग्वालियर (अंकुर जैन):ग्वालियर में डॉ भीमराव अंबेडकर का पोस्टर जलाए जाने और आपतिजनक नारों के आरोप में जेल में बंद एडवोकेट अनिल मिश्रा को हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद वो जेल से रिहा हुए।
काफी संख्या में उनके समर्थक जेल के बाहर लेने के लिए पहुंचे
अनिल मिश्रा के जेल से रिहा होने के मौके पर काफी संख्या में उनके समर्थक जेल के बाहर लेने के लिए पहुंचे। काफी भीड़ मौके पर देखी गई। पुलिस सुरक्षा के बीच अनिल मिश्रा अपने घर के लिए रवाना हो गए।
इससे पहले हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ग्वालियर के पूर्व अध्यक्ष रह चुके अनिल मिश्रा की गिरफ्तारी के खिलाफ कोर्ट में ही ‘जय जय श्रीराम’ और सकपाल मुर्दाबाद के नारे लगे थे जिससे माहौल गरमाया गया था। अनिल मिश्रा के समर्थकों ने गिरफ्तारी को अवैध बताया था और पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप लगाया था। मामले के तूल पकड़ने के बाद और उनकी जमानत खारिज होने के बाद उन्हें अस्पताल में भी भर्ती कराना पड़ा था।
आपको बता दें कि भीम राव अंबेडकर का चित्र जलाने, पैरों से कुचलने और अपमानजनक नारे लगाने के मामले में वकील अनिल मिश्रा सहित चारों आरोपियों पर कार्रवाई हुई थी। अंबेडकर का पोस्टर जलाने के आरोप में चार दिन से जेल में बंद एडवोकेट अनिल मिश्रा को हाईकोर्ट ने रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने उन्हें 1 लाख रुपए के पर्सनल बांड और 1 लाख रुपये की जमानत पर रिहा किया।
हाईकोर्ट ने पुलिस को कड़ा नोटिस देते हुए कहा कि अनिल मिश्रा को अवैध तरीके से डिटेन किया गया। FIR में कस्टडी में कई गलतियाँ हुई हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि निचली अदालत में बाकी गिरफ्तार आरोपियों को भी जमानत मिल सकती है। चार दिन पहले गुरुवार को ग्वालियर साइबर पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज की थी, जिसमें अनिल मिश्रा समेत 7 लोग आरोपी बनाए गए थे।

