एमपी पुलिस में ''कार्यवाहक'' प्रभार देने पर लगी रोक, पीएचक्यू ने जारी किया आदेश
Friday, Jul 03, 2026-09:34 AM (IST)
भोपाल (इजहार खान): मध्य प्रदेश पुलिस विभाग से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पुलिस मुख्यालय (PHQ), भोपाल ने पुलिसकर्मियों को "कार्यवाहक" (Acting/Officiating) तौर पर उच्च पद का प्रभार दिए जाने की प्रक्रिया को आगामी आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया है। इस संबंध में विशेष पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) आदर्श कटियार द्वारा 2 जुलाई 2026 को एक आधिकारिक आदेश जारी कर प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों को निर्देशित किया गया है।
क्यों लगाई गई रोक?
आदेश के अनुसार, मध्य प्रदेश शासन द्वारा पुलिस रेगुलेशन के पैरा 72 में संशोधन कर वर्ष 2021 में कार्यवाहक तौर पर उच्च पद का प्रभार देने की व्यवस्था (जी.ओ.पी. क्र. 148/21) लागू की गई थी। परंतु, वर्तमान में मध्य प्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा नियमित पदोन्नति (Regular Promotion) के संबंध में मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 की अधिसूचना जारी की जा चुकी है। इस नए पदोन्नति नियम के संदर्भ में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा महाधिवक्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता सी.एस. वैद्यनाथन से विधिक परामर्श (Legal Opinion) लिया गया था। इसी कानूनी सलाह के आधार पर अब आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

आदेश के मुख्य बिंदु:
तत्काल प्रभाव से स्थगन:जी.ओ.पी. क्र. 148/21 (दिनांक 10.02.2021) के तहत कार्यवाहक तौर पर उच्च पद का प्रभार देने की चल रही सभी कार्यवाहियों को अगले आदेश तक रोक दिया गया है।
डीजीपी की मंजूरी:पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी इस आदेश को मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) द्वारा अनुमोदित किया गया है।
नियमित पदोन्नति की उम्मीद: इस आदेश के बाद अब पुलिस विभाग में नए नियमों (पदोन्नति नियम, 2025) के तहत नियमित पदोन्नति का रास्ता साफ होने की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में सभी पुलिस इकाइयों को सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों और विधिक परामर्श के अनुरूप ही कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।

