हनीट्रैप की खूबसूरत हसीना निकली HIV पॉजिटिव! कई नेताओं के आपत्तिजनक वीडियो आए सामने! अब कराएंगे जांच
Wednesday, Jun 17, 2026-03:52 PM (IST)
भिंड। मध्यप्रदेश के भिंड जिले में सामने आए हनीट्रैप कांड ने अब एक और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। भोले-भाले लोगों को प्रेमजाल में फंसाकर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह की एक महिला सदस्य के HIV पॉजिटिव होने की पुष्टि के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। मामले ने न केवल अपराध की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि उन लोगों के सामने भी गंभीर स्वास्थ्य संकट खड़ा कर दिया है जो इस गैंग के संपर्क में आए थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह की एक महिला पिछले तीन वर्षों से HIV का इलाज करा रही थी। आरोप है कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों को जाल में फंसाती, आपत्तिजनक वीडियो बनाती और फिर झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी देकर लाखों रुपये की उगाही करती थी।
इस सनसनीखेज मामले का खुलासा तब हुआ जब 27 मई को एक किसान ने भिंड देहात थाने में शिकायत दर्ज कराई। किसान के अनुसार, बाजार से लौटते समय एक महिला ने पैर में दर्द का बहाना बनाकर उससे मदद मांगी। इसके बाद उसे योजनाबद्ध तरीके से फंसाया गया और पैसे नहीं देने पर झूठे दुष्कर्म के मामले में फंसाने तथा वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। जांच के दौरान महिला आरोपी के मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से कई वीडियो बरामद हुए हैं। इन्हीं वीडियो के आधार पर पुलिस ने ऐसे कई लोगों की पहचान की है जो इस गिरोह का शिकार बन चुके हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इसमें कुछ हाई प्रोफाइल लोग भी हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब तक तीन से चार संभावित पीड़ितों की पहचान की जा चुकी है, लेकिन उन्हें आशंका है कि असली संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। बदनामी और सामाजिक तिरस्कार के डर से कई लोग सामने आने से बच रहे हैं, जिससे जांच प्रभावित हो रही है।
मामले को और गंभीर बनाते हुए पुलिस ने उन सभी लोगों से HIV जांच कराने की अपील की है जो किसी भी रूप में इस महिला के संपर्क में आए थे। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल अपराध का मामला नहीं है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा बेहद संवेदनशील विषय भी है।
भिंड देहात थाना प्रभारी के मुताबिक, पुलिस लगातार ऐसे लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है जो इस गिरोह के निशाने पर रहे हैं। उन्हें शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ अपनी स्वास्थ्य जांच कराने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले की हर एंगल से जांच जारी है।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि हनीट्रैप केवल आर्थिक शोषण का हथियार नहीं रह गया है, बल्कि यह लोगों की प्रतिष्ठा, मानसिक स्थिति और स्वास्थ्य तक के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। पुलिस का मानना है कि पीड़ित यदि बिना डर सामने आएं तो इस पूरे नेटवर्क का और बड़ा खुलासा हो सकता है।

