भाजपा के दिग्गज नेता ने फोड़ा बम, बोले- मीनाक्षी नटराजन के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी कांग्रेस के लोगों ने हमें दी, बताया कहां से आए पेपर
Tuesday, Jun 09, 2026-09:59 PM (IST)
भोपाल : कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद कांग्रेस भाजपा में सियासी घमासान छिड़ गया है। कांग्रेस भाजपा नेताओं ने जुबानी जंग छिड़ गई है और दोनों दलों में आरोप प्रत्यारोप शुरु हो गए हैं। इसी बीच प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा दावा किया है। विजयवर्गीय ने कहा है कि मीनाक्षी नटराजन के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी हमें कांग्रेस के लोगों ने ही दी है। इस बयान के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मच गया है।
कांग्रेस के लोगों से लीक हुई जानकारी
विजयवर्गीय ने दावा किया कि मीनाक्षी नटराजन के आपराधिक रिकॉर्ड के जो कागज हमें मिले हैं वो हमें तेलंगाना से मिले हैं और तेलंगाना में सरकार कांग्रेस की है और तेलंगाना से हमारे पास कागज आ रहा है। हमें कांग्रेस के लोगों ने ही जानकारी दी होगी, हमारे पास तो कोई जानकारी थी नहीं।'
बेंगलुरु क्या, विधायकों को लंदन ले जाते तो भी हम चुनाव जीतते- कैलाश विजयवर्गीय
वहीं विजयवर्गीय ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस विधायकों को बेंगलुरु क्या लंदन भी ले जाती तब भी हम ही जीतते। उन्होंने आगे कहा कि देश की जनता को पीएम मोदी पर विश्वास है। पीएम मोदी के काम पर विश्वास है, पीएम मोदी के विकास पर विश्वास है, भारत 2047 में दुनिया में सबसे ताकतवर शक्ति बनकर खड़ा हो जाए ये देश का हर व्यक्ति चाहता है, कांग्रेस के विधायक भी चाहते हैं, इसलिए मैं मानता हूं कि ये जीत भारतीय जनता पार्टी के साथ-साथ पीएम के ऊपर जो विश्वास देश की जनता का है उसकी है।'
बता दें कि कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन पर नामांकन एफिडेविट में आपराधिक मामला छिपाने का आरोप लगा है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और राकेश सिंह ने मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदवारी के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई। जिसमें जिक्र है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ हैदराबाद की एक अदालत में आपराधिक मामला लंबित है जिसकी जानकारी उन्होंने नामांकन पत्र में छिपाई थी। इसी आधार पर उनके नामांकन को खारिज कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने मीनाक्षी नटराजन को भाजपा की आपत्ति पर अपना पक्ष रखने के लिए मंगलवार शाम 6 बजे तक का समय दिया था। लेकिन मीनाक्षी ने जो स्पष्टिकरण दिया उससे संतुष्ट नहीं होने पर रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन रद्द कर दिया।

