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जिलाध्यक्षों की नियुक्तियों को लेकर भाजयुमो प्रदेशध्यक्ष के बयान से हड़कंप! कइयों को झटका, इनकी चमकेगी किस्मत

Tuesday, Jun 16, 2026-02:17 PM (IST)

टीकमगढ़ : भारतीय जनता युवा मोर्चा जिलाध्यक्षों की नियुक्तियों को लेकर प्रदेशध्यक्ष श्याम टेलर का एक बड़ा बयान सामने आया है। इसको लेकर बीते दिनों युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर ने इशारा किया है। श्याम टेलर ने दो टूक कहा है कि भाजयुमो अब 35 साल से कम उम्र वाले नेताओं को मौका देकर युवा मोर्चा अपनी टीम को मजबूत बनाने का काम करेगी। इस बयान के बाद अध्यक्ष पद की रेस में लगे 35 साल से ज्यादा उम्र वाले नेताओं पर अब तलवार लटक गई है। ऐसे नेताओं को अब भाजपा युवा मोर्चा का जिलाध्यक्ष नहीं बनाया जाएगा। ये इशारा सिर्फ एक जिले के लिए नहीं बल्कि प्रदेश भर के लिए हैं।

टीकमगढ़ की बात करें तो यहां बीते कई महीनों से युवा मोर्चा की लड़ाई को लेकर तमाम युवा नेता टीकमगढ़ से भोपाल तक की दौड़ तय करते नजर आए हैं। कई अपने आकाओं से मिलकर उनके नामों की सिफारिश करने में लगे हैं। हालांकि अब यहां ऐसे कई युवा हैं जिन्होंने दावेदारी की थी, परन्तु अब उनकी उम्र उनके लिए खतरा बन गई है। अब जिनकी उम्र 35 साल से अधिक हो गई है उनका जिलाध्यक्ष बनना नामुमकिन सा माना जा रहा है।

टीकमगढ़ जिले में ऐसे कई नेता हैं, जो शहरी क्षेत्र से नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं। इसके बाद भी वह जिलाध्यक्ष की दावेदारी करने में लगे हैं। ऐसे में उन नेताओं के अरमानों पर अब पानी फिरता दिखाई दे रहा है, जिनकी उम्र 35 वर्ष से अधिक है। सूत्रों की मानें तो इनमें तीन नाम सामने आए हैं। जिनमें आदित्य योगी उम्र 39 साल, ज्ञानेन्द्र सिंह बुन्देला इनकी उम्र 37 साल एवं शिवम रिछारिया की उम्र 36 वर्ष है। श्याम टेलर के इशारे को अगर समझे तो यह तीनों अब इस दोवदारी से बाहर ही माने जाएंगे।

इन नामों पर लग सकती है मुहर

वहीं टीकमगढ़ युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष के लिए जो 35 वर्ष से कम उम्र वाले युवाओं ने दावेदारी की है, उनमें संकल्प जैन, अजय सिंह गौर सहित केके तिवारी का नाम शामिल है। संकल्प और अजय सिंह गौर शहर टीकमगढ़ के ही निवासी है और विद्यार्थी परिषद के लिए काम करते आ रहे हैं। साथ ही केके तिवारी पूर्व विधायक राहुल सिंह के करीबी बताए जाते हैं, जो चन्द्रपुरा के रहने वाले हैं। इसलिए इनके नाम पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। हालांकि भाजपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष शहरी क्षेत्र से ही बनता है, जिससे कि उसे काम करने में परेशानी न हो। सीधे सेंटर में बैठकर पूरी टीम के साथ अपना काम बखूबी करते दिखाई दें। अब देखना यह है कि भाजपा संगठन इस पद के लिए किसे प्रवल दावेदर मानता है।


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Content Writer

meena

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