Punjab Kesari MP ads

नाबालिग लड़की से भाई ने किया दुष्कर्म! 9 माह की गर्भवती निकली पीड़िता, अब मिली कड़ी सजा

Friday, Jul 03, 2026-11:31 AM (IST)

मुरैनाः मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में से एक सनसनीखेज वारदात की खबर सामने आ रही है। जहां एक नाबालिग बहन से उसके चचेरे भाई ने दुष्कर्म किया। आरोप है कि घर में अकेला पाकर दरिंदगी की गई। मामले में किसी को बताने पर डराया-धमकाया गया। इसके बाद लड़की की अचानक तबीयत खराब होने पर अस्पताल पहुंचाया गया। मेडिकल रिपोर्ट में लड़की के 9 माह के गर्भवती होने का पता चला। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी पिंटू उर्फ पदम सिंह को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला सात अप्रैल 2025 का है। पीड़िता की मां ने जिला चिकित्सालय मुरैना के प्रसूति वार्ड में मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि पेट दर्द की शिकायत पर बेटी को अस्पताल लाया गया, जहां उसने एक बच्ची को जन्म दिया। बताया कि करीब नौ माह पहले उनकी बेटी घर पर अकेली थी, तभी पड़ोस में रहने वाला पंचू उर्फ कुलदीप दूध लेने के बहाने घर आया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। आरोपी ने घटना की जानकारी किसी को देने पर उसके भाई की हत्या करने की धमकी दी, जिसके कारण वह डर के चलते घटना के बारे में किसी को नहीं बता सकी। रिपोर्ट के आधार पर थाना माताबसैया पुलिस ने पंचू उर्फ कुलदीप के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की।

जांच के दौरान पीड़िता तथा उसके माता-पिता के बयान लिए गए, जिनमें उन्होंने बताया कि पीड़िता के साथ खेत स्थित कुएं पर कुलदीप उर्फ पंचू और उसके चचेरे भाई पिंटू उर्फ पदम सिंह ने दुष्कर्म किया था, जिसके परिणामस्वरूप बच्ची का जन्म हुआ। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका चिकित्सकीय परीक्षण कराया तथा डीएनए परीक्षण कराया। जांच में नवजात बच्ची का डीएनए पिंटू उर्फ पदम सिंह से मेल खा गया, जबकि पंचू उर्फ कुलदीप के संबंध में डीएनए रिपोर्ट नकारात्मक आई।

इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने मौखिक, दस्तावेजी और वैज्ञानिक साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और डीएनए रिपोर्ट के आधार पर पिंटू उर्फ पदम सिंह को दुष्कर्म का दोषी मानते हुए उसे 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं, पीड़िता और उसके माता-पिता के बयानों में विरोधाभास तथा डीएनए रिपोर्ट नकारात्मक होने के कारण सहआरोपी पंचू उर्फ कुलदीप को दोषमुक्त कर दिया।



 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Vandana Khosla

Related News