क्राइम ब्रांच का ASI रिमांड पर भेजा गया, अपने कर्तव्य और वर्दी से की थी गद्दारी,अब उगलेगा गहरे राज
Wednesday, Apr 15, 2026-08:35 PM (IST)
(इंदौर): भोपाल एटीएस ने एक ऐसे मामले का खुलासा किया है जो काफी हैरान करने वाला है। क्राइम ब्रांच के ASI के इस कारनामे से विभाग हिल गया है। भोपाल ATS ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR ) और मोबाइल टावर लोकेशन जैसे गोपनीय डेटा की अवैध सप्लाई करने में इंदौर क्राइम ब्रांच में पदस्थ एएसआई (ASI) रामपाल समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। लिहाजा एटीएस ने रामपाल का मोबाइल और लैपटॉप जब्त कर लिया है साथ ही कोर्ट से रिमांड पर ले लिया है। अब वो कई और राज उगल सकता है। उससे पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी प्राप्त करने की कोशिश की जाएगी।
इंदौर क्राइम ब्रांच में पदस्थ एएसआई (ASI) का संगीन जुर्म
कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल टावर लोकेशन जैसे गोपनीय डेटा की अवैध सप्लाई के नेटवर्क को भोपाल एएटीएस ने ध्वस्त किया है। जांच में पता चला है कि ये पुलिसकर्मी निजी एजेंसियों को लोगों की कॉल डिटेल बेच रहा था और अपनी वर्दी को साथ ही धोखा कर रहा था। मामला तब उजागर हुआ जब एटीएस को पता चला कि कुछ लोग जासूसी के नाम पर लोगों की निजी जानकारी का अवैध कारोबार कर रहे हैं। जांच की गई तो डिटेक्टिव एजेंसी संचालक मुकेश तोमर का नाम सामने आया, और आगे जांच में क्राइम ब्रांच एएसआई रामपाल के संलिप्त होने के सुराग हाथ लगे।
इसके बाद एटीएस रामपाल की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने लगी तो पता चला कि वह लोगों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकालकर निजी डिटेक्टिव एजेंसियों को मुहैया करवा रहा था। इस काम का वो कमीशन लेता था।
एटीएस टीम ने रामपाल की लोकेशन ट्रैक की और उसे महाराष्ट्र के सोलापुर से काबू में लिया। जांच में पता चला है कि रामपाल इंदौर डिटेक्टिव सर्विस के संचालक योगेश बेलवाल और भोपाल की कर्मा डिटेक्टिव एजेंसी के अनिकेत पटेल को सीडीआर की कॉपी देता था। ATS ने योगेश बेलवाल और अनिकेत पटेल को भी दबोच लिया है। वहीं ATS के इस एक्शन के बाद मुख्य संदिग्ध मुकेश तोमर फरार हो गया लेकिन उसे दबोचने के प्रयास जारी है

