जनगणना में झूठ बोला या टीम को रोका तो होगी जेल! सरकार ने जारी किया सख्त आदेश
Thursday, May 07, 2026-04:40 PM (IST)
भोपाल। राजधानी भोपाल समेत पूरे देश में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। पहले चरण ‘हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन’ के तहत अब सरकारी टीमें घर-घर पहुंचकर लोगों से जानकारी जुटा रही हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जनगणना के दौरान गलत जानकारी देना या कर्मचारियों को काम से रोकना भारी पड़ सकता है। ऐसे मामलों में जुर्माने के साथ जेल तक की कार्रवाई हो सकती है।
भोपाल जिले में इस अभियान के लिए 6 हजार से ज्यादा कर्मचारियों की तैनाती की गई है। ये टीमें 30 मई तक शहर और ग्रामीण इलाकों में जाकर मकानों और परिवारों से जुड़ी बुनियादी जानकारी एकत्र करेंगी। अधिकारियों के मुताबिक इस चरण में करीब 33 जरूरी सवाल पूछे जाएंगे और हर नागरिक का सही जानकारी देना कानूनी रूप से अनिवार्य होगा।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत तथ्य बताता है, जानकारी छिपाता है या जनगणना कर्मचारियों को किसी कॉलोनी, सोसायटी या घर में प्रवेश करने से रोकता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नियमों के अनुसार ऐसे मामलों में 1000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं गंभीर स्थिति में तीन साल तक की सजा का भी प्रावधान है।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान जुटाई गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी। किसी भी व्यक्ति की निजी जानकारी को अदालत में सबूत के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता और न ही आम लोगों को रिकॉर्ड देखने की अनुमति होगी।
साथ ही प्रशासन ने यह भरोसा भी दिलाया है कि देश की सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान किया जाएगा। जिन परिवारों में महिलाओं या पति का नाम लेने की परंपरा नहीं है, वहां कर्मचारियों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि फिलहाल केवल मकानों और परिवारों से जुड़ी सामान्य जानकारी जुटाई जा रही है। जातिगत जनगणना का काम दूसरे चरण में फरवरी 2027 के दौरान किया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जनगणना टीम का सहयोग करें, ताकि प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सके।

