राज्य में बदल सकती है कांग्रेस की कमान! हाईकमान जल्द कर सकता है नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान
Friday, Oct 23, 2026-01:06 PM (IST)
रायपुर: मध्य प्रदेश के सांगठनिक बदलावों की खबरों के बीच अब पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस संगठन को नए सिरे से पुनर्गठित करने की प्रशासनिक प्रक्रिया तेज हो गई है। आगामी सांगठनिक चुनौतियों और भविष्य की राजनीतिक रणनीतियों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय नेतृत्व प्रदेश इकाई के ढांचे में कुछ बड़े फेरबदल करने की योजना बना रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा काफी तेज है कि पार्टी जल्द ही नए नेतृत्व को कमान सौंप सकती है।
इस प्रशासनिक सुगबुगाहट के मुख्य सांगठनिक आधार, नियमित समय-सीमा का पूरा होना:
मौजूदा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का तीन साल का सामान्य सांगठनिक कार्यकाल आधिकारिक रूप से पूरा हो चुका है। कांग्रेस की आंतरिक नियमावली और परंपराओं के अनुसार, नियत अवधि समाप्त होने के बाद राज्य इकाइयों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करना या नेतृत्व में बदलाव करना एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसके चलते इस प्रशासनिक हलचल को पूरी तरह स्वाभाविक माना जा रहा है।
नए प्रभारी के साथ नई रणनीति का सूत्रपात:
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा छत्तीसगढ़ का नया सांगठनिक प्रभारी सुखदेव भगत को बनाए जाने के बाद से ही राज्य की राजनीति में बदलाव के संकेत मिलने लगे थे। नए प्रभारी की देखरेख में तैयार की जा रही ब्लॉक, जिला और प्रदेश कार्यकारिणी की जमीनी समीक्षा रिपोर्ट को आगामी सांगठनिक निर्णयों का मुख्य जरिया माना जा रहा है।
वरिष्ठ और युवा समीकरणों का संतुलन:
यदि केंद्रीय नेतृत्व चेहरा बदलने का अंतिम निर्णय लेता है, तो पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव का नाम सांगठनिक अनुभव के लिहाज से चर्चा में बना हुआ है। इसके साथ ही, राज्य के सामाजिक व क्षेत्रीय संतुलन (विशेषकर आदिवासी, पिछड़ा वर्ग और युवा नेतृत्व) को बनाए रखने के लिए कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं और युवा विधायकों के विकल्पों पर भी विचार-विमर्श की प्रक्रिया चालू है।
हाईकमान की अंतिम सहमति का इंतजार:
इस पूरे घटनाक्रम पर पार्टी के मौजूदा नेतृत्व और पदाधिकारियों का स्पष्ट रुख है कि वर्तमान में संगठन एकजुटता से काम कर रहा है। सांगठनिक फेरबदल या वर्तमान व्यवस्था को ही आगे बढ़ाने का अंतिम और प्रामाणिक फैसला केवल राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और केंद्रीय आलाकमान की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।

