दतिया में कांग्रेस का बड़ा मंथन, टिकट किसे मिलेगी? घनश्याम सिंह के बयान ने बढ़ाई हलचल
Saturday, Jul 04, 2026-04:22 PM (IST)
दतिया। (नवल यादव): मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां लगातार तेज होती जा रही हैं। एक ओर भारतीय जनता पार्टी अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटी है, तो दूसरी ओर कांग्रेस भी संगठन को एकजुट कर चुनावी मैदान में मजबूती से उतरने की तैयारी कर रही है। इसी क्रम में शनिवार को दतिया में कांग्रेस का महत्वपूर्ण कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें चुनावी रणनीति, संगठन की मजबूती और संभावित प्रत्याशी को लेकर विस्तृत मंथन हुआ।
दतिया विधानसभा सीट पर कांग्रेस के भीतर टिकट को लेकर कई नेताओं की दावेदारी सामने आ रही है। पूर्व विधायक घनश्याम सिंह, अवधेश नायक, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के परिवार की ओर से दावा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक दांगी बगदा और शहर कांग्रेस अध्यक्ष अजय शुक्ला के नाम भी चर्चाओं में हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व के सामने सभी दावेदारों के बीच संतुलन बनाए रखते हुए मजबूत उम्मीदवार का चयन करना बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान टिकट की दौड़ में शामिल वरिष्ठ कांग्रेस नेता घनश्याम सिंह ने संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता पार्टी की जीत है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस जिस भी नेता को उम्मीदवार बनाएगी, वह उसके समर्थन में पूरी ताकत से चुनाव प्रचार करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि व्यक्तिगत रूप से उनकी चुनाव लड़ने की कोई विशेष इच्छा नहीं है, लेकिन यदि पार्टी उन्हें जिम्मेदारी सौंपती है तो वह उसे पूरी निष्ठा के साथ निभाने के लिए तैयार हैं।
घनश्याम सिंह ने यह भी माना कि टिकट पर स्वाभाविक दावा राजेंद्र भारती के परिवार और अवधेश नायक का भी बनता है। उनके इस बयान को कांग्रेस के भीतर एक सकारात्मक और संगठनात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि चुनाव से पहले पार्टी एकजुटता का संदेश देने की कोशिश में जुटी है।
उधर, राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि भारतीय जनता पार्टी दतिया सीट से पूर्व गृहमंत्री और प्रदेश के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा को चुनावी मैदान में उतार सकती है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन यदि ऐसा होता है तो दतिया उपचुनाव प्रदेश की सबसे चर्चित और हाई-प्रोफाइल राजनीतिक लड़ाइयों में शामिल हो सकता है।
फिलहाल दोनों प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। कांग्रेस जहां संगठनात्मक एकजुटता के साथ मजबूत प्रत्याशी तलाश रही है, वहीं भाजपा भी अपने सबसे प्रभावशाली चेहरे पर दांव लगाने की संभावनाओं पर विचार कर रही है। ऐसे में दतिया उपचुनाव आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति का सबसे दिलचस्प मुकाबला बन सकता है..

