मंडला का नाम बदलने के ऐलान पर बवाल, विरोध में उतरा गोंगपा, किया पुतला दहन

Tuesday, Jan 06, 2026-09:00 PM (IST)

मंडला (अरविंद सोनी) : मंडला जिले के नाम परिवर्तन को लेकर सियासत तेज हो गई है। जिला प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल और कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके द्वारा मंडला जिले का नाम बदलने के ऐलान के बाद अब विरोध शुरू हो गया है। आज निषादराज भवन के सामने गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया। बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एकत्रित हुए, नारेबाजी की, रैली निकाली और अंत में पुतला दहन कर अपना आक्रोश जताया। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात रहा, हालांकि स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी रही।

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दरअसल, हाल ही में जिला प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल और कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके द्वारा मंडला जिले के नाम परिवर्तन को लेकर बयान सामने आया था। इसी बयान के विरोध में आज गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में निषादराज भवन के सामने एकत्र हुए। पार्टी कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि मंडला जिले का नाम बदलने का फैसला जनभावनाओं के खिलाफ है। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने रैली निकालते हुए पुतला दहन किया और अपना विरोध दर्ज कराया।

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गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद अजय प्रताप सिंह ने कहा कि मंडला जिले का ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आदिवासी पहचान से गहरा जुड़ाव है। उन्होंने कहा कि मंडला केवल एक नाम नहीं बल्कि आदिवासी समाज की अस्मिता, परंपरा और गौरव का प्रतीक है। बिना जनमत संग्रह और स्थानीय लोगों से चर्चा किए जिले का नाम बदलने का फैसला पूरी तरह गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के फैसले आदिवासी समाज और क्षेत्रवासियों की भावनाओं को आहत करते हैं। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मंडला जिले के नाम परिवर्तन का प्रस्ताव वापस नहीं लिया गया, तो गोंडवाना गणतंत्र पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी।

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वहीं इस पूरे मामले पर अपार कलेक्टर राजेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी द्वारा ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें मंडला जिले का नाम न बदलने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल आधिकारिक तौर पर मंडला जिले के नाम परिवर्तन को लेकर कोई भी प्रक्रिया या कार्यवाही नहीं चल रही है। इस संबंध में स्पष्टीकरण भी जारी किया जा चुका है कि नाम परिवर्तन को लेकर कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

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फिलहाल प्रशासन ने नाम परिवर्तन की किसी भी आधिकारिक प्रक्रिया से इनकार किया है, लेकिन जिस तरह से विरोध तेज हो रहा है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है। अब देखना होगा कि सरकार इस पूरे विवाद पर क्या रुख अपनाती है।


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meena

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