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दतिया में क्या नरोत्तम मिश्रा को लगाया जा रहा किनारे? नरेंद्र सिंह तोमर के करीबी को BJP ने सौंपी संगठन की कमान

Wednesday, Sep 23, 2026-01:09 PM (IST)

दतिया। विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद करीब डेढ़ महीने से संगठनात्मक बदलाव के दौर से गुजर रही भारतीय जनता पार्टी ने आखिरकार दतिया जिले में नए जिलाध्यक्ष की घोषणा कर दी। पार्टी ने माधवेंद्र सिंह परिहार को जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मंजूरी के बाद 22 सितंबर को उनकी नियुक्ति की घोषणा की गई। माधवेंद्र सिंह परिहार लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े रहे हैं। वह दतिया में जिला महामंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। संगठन में उनके अनुभव और स्थानीय स्तर पर सक्रियता को देखते हुए पार्टी ने उन्हें जिले की कमान दी है। अब उनके सामने उपचुनाव के बाद बिखरे संगठन को दोबारा सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय मजबूत करने की चुनौती होगी।

उपचुनाव के बाद भंग कर दी गई थी पूरी जिला टीम

दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजे आने के बाद भाजपा संगठन में बड़ा बदलाव किया गया था। हार के बाद पार्टी ने तत्कालीन जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह समेत जिला कार्यकारिणी और संगठन की कई इकाइयों को भंग कर दिया था। इसके बाद से ही नए जिलाध्यक्ष और नई जिला टीम को लेकर पार्टी के भीतर मंथन चल रहा था। लगभग 49 दिन बाद पार्टी ने अब नए अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर दिया है। माना जा रहा है कि नई नियुक्ति के बाद जल्द ही जिला संगठन की नई टीम के गठन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ सकती है।

माधवेंद्र सिंह के नाम ने बदला दतिया का संगठनात्मक समीकरण

नए जिलाध्यक्ष के नाम को लेकर दतिया भाजपा में कई नामों की चर्चा सामने आती रही थी। इनमें उपचुनाव में भाजपा के प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी का नाम भी शामिल था। हालांकि अंतिम निर्णय में पार्टी ने माधवेंद्र सिंह परिहार पर भरोसा जताया। माधवेंद्र सिंह को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के करीबी नेताओं में बताया जाता है। यही वजह है कि उनकी नियुक्ति को दतिया भाजपा के भीतर संगठनात्मक समीकरणों में बदलाव के तौर पर भी देखा जा रहा है। हालांकि पार्टी की ओर से नियुक्ति का आधार संगठनात्मक अनुभव और जिम्मेदारी निभाने की क्षमता बताई गई है।

नरोत्तम मिश्रा की भूमिका को लेकर भी चर्चा

दतिया भाजपा की राजनीति में पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का प्रभाव लंबे समय से चर्चा में रहा है। उपचुनाव के बाद संगठन में हुए बदलाव और अब नए जिलाध्यक्ष की नियुक्ति के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या दतिया संगठन में नेतृत्व का समीकरण बदलेगा।

हालांकि उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में माधवेंद्र सिंह परिहार की नियुक्ति को नरोत्तम मिश्रा को किनारे करने के फैसले के रूप में नहीं बताया गया है। इसलिए इसे फिलहाल राजनीतिक चर्चाओं और संगठन के भीतर बदलते समीकरणों के संदर्भ में ही देखा जा रहा है।

अब नई टीम खड़ी करना सबसे बड़ी चुनौती

नए जिलाध्यक्ष के सामने सबसे अहम जिम्मेदारी दतिया भाजपा संगठन को दोबारा खड़ा करने की होगी। मंडल से लेकर बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना, नई जिला कार्यकारिणी तैयार करना और पार्टी नेताओं-कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना उनकी प्राथमिकताओं में रह सकता है।

उपचुनाव के बाद संगठन में पैदा हुई परिस्थितियों के बीच माधवेंद्र सिंह परिहार को मिली यह जिम्मेदारी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि आने वाले समय में दतिया भाजपा की संगठनात्मक दिशा काफी हद तक नई टीम और उसके कामकाज पर निर्भर करेगी।


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Content Editor

Himansh sharma

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