दतिया भाजपा में फिर दिखी गुटबाजी! नरोत्तम मिश्रा की भव्य यात्रा से दो दिग्गजों ने बनाई दूरी
Tuesday, Sep 22, 2026-05:52 PM (IST)
दतिया/सेवढ़ा (राघवेंद्र सिंह) : पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की दतिया से रतनगढ़ माता मंदिर तक निकली भव्य स्वागत यात्रा ने जहां भाजपा की ताकत दिखाई, वहीं दतिया भाजपा की अंदरूनी फूट को भी उजागर कर दिया। इस 60 किलोमीटर लंबी यात्रा में जहां 500 गाड़ियों का काफिला उमड़ा, वहीं सेवढ़ा के दो बड़े चेहरे - पूर्व विधानसभा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी और उनके मौसेरे भाई पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र बुधौलिया पूरी तरह नदारद रहे।
इस पूरी यात्रा में सेवढ़ा विधायक प्रदीप अग्रवाल, वरिष्ठ नेता संजीव गटवार समेत जिले के तमाम बड़े नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। लेकिन चर्चा का विषय रहे आशुतोष तिवारी और सुरेंद्र बुधौलिया। दोनों नेता न तो स्वागत में दिखे, न ही रतनगढ़ मंदिर पर। उनके समर्थक भी पूरे रूट पर कहीं नजर नहीं आए।
क्या है दूरी की वजह?
राजनीतिक जानकारों की मानें तो यह दूरी महज संयोग नहीं है। सेवढ़ा विधानसभा में विधायक प्रदीप अग्रवाल और पूर्व प्रत्याशी आशुतोष तिवारी गुट के बीच लंबे समय से खींचतान चल रही है। 2023 के विधानसभा चुनाव में आशुतोष तिवारी ने सेवढ़ा से टिकट की मांग की थी, लेकिन पार्टी ने प्रदीप अग्रवाल को प्रत्याशी घोषित किया था। इस वर्ष दतिया विधानसभा उपचुनाव में पार्टी ने नरोत्तम मिश्रा का टिकट काट कर आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाया था लेकिन नरोत्तम मिश्रा समर्थकों की नाराजगी के चलते चुनाव हार गये थे। आशुतोष तिवारी ने चुनाव हार का कारण पार्टी भीतरघात बताया था। तभी से दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच अंदरूनी कलह लगातार सामने आ रही है। नरोत्तम मिश्रा और उनके करीबी माने जाने वाले विधायक गुट के इस शक्ति प्रदर्शन से आशुतोष गुट ने जानबूझकर दूरी बनाई है। यह 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले दतिया भाजपा में चल रही वर्चस्व की लड़ाई का ट्रेलर माना जा रहा है।

