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घनश्याम की कुर्सी पर संकट, नरोत्तम पर भारती के तीर… दतिया में फिर सियासी खेल!

Wednesday, Sep 23, 2026-05:50 PM (IST)

दतिया : दतिया विधानसभा इस वक्त मध्य प्रदेश की सियासत का केंद्र बिंदु बनी हुई है। नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह की विधायकी खतरे में है। उनके निर्वाचन को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। ऐसे में आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला शुरु हो चुका है। एक तरफ कांग्रेस परेशानी से घिरती नजर आ रही है, वहीं दूसरी ओर पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने मोर्चा खोल दिया है।  राजेंद्र भारती ने नरोत्तम मिश्रा पर जमकर निशाना साधा और कई गंभीर राजनीतिक आरोप भी लगाए।

राजेंद्र भारती ने बिना नाम लिए कहा कि आजकल कुछ लोग जिनका उपचुनाव में टिकट कट गया था, उनके मन में कुर्सी का लालच है, बहुत छटपटाहट थी सत्ता की, लेकिन इनमें सब्र नहीं, अगर एक बार जनता ने हरा दिया तो थोड़ा बैठते इंतजार करते, संगठन द्वारा बनाए गए प्रत्याशी का सम्मान करते, उसके बाद चुनाव लड़ते हो सकता था वे चीफ मिनिस्टर बन जाते। लेकिन उनको चीफ मिनिस्टर बहुत जल्दी बनना था। वे 2023 में सीएम की रेस की दौड़ में थे। इसलिए जनता ने इनको घर बैठा दिया।

राजेंद्र भारती ने आरोप लगाया कि 2026 में फर्जी तथ्यों के आधार पर उनपर केस लगवा दिया गया। फिर नरोत्तम मिश्रा ने इस केस के लिए 30-40 करोड़ रुपए खर्च किए और चुनाव लगवाए। लेकिन उनका टिकट काटकर केंद्रीय नेतृत्व और एमपी नेतृत्व ने उनके हाथ से थाली खींच ली। भारती ने आगे कहा कि नरोत्तम मिश्रा कुर्सी के लालची है। वे कुर्सी के बिना नहीं रह सकते। इसके साथ ही भारती ने आरोप लगाए कि नरोत्तम मिश्रा ने खुद उन्हें ऑफर दिया था कि आप कोर्ट से स्टे ले लीजिए। हमारे वकील आपके वकीलों की राय में राय मिला देंगे। आप ढाई साल विधायकी कीजिए। लेकिन हमने मना कर दिया कि हमें नहीं चाहिए।

राजेंद्र भारती ने कहा कि चुनाव-उपचुनाव खेलने का शौंक एक ही व्यक्ति रखता है, उसको जनता ने 2023 में हरा दिया। फिर 2023 का बदला उन्होंने जनता से मेरी विधायकी खत्म करवाकर लिया। उन्होंने मेरे खिलाफ फर्जी तथ्यों के आधार पर केस दर्ज करवाया और रात 12 बजे विधानसभा से मेरी सदस्यता खत्म करवाई।


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Content Writer

meena

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