दतिया में फिर शुरु हुआ खेला! घनश्याम की विधायकी पर खतरा मंडराते ही राजेंद्र भारती का बयान आया सामने
Wednesday, Sep 23, 2026-08:44 PM (IST)
भोपाल : मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट एक बार चर्चा में है। हाल ही में उपचुनाव जीतकर विधायक बने कांग्रेस नेता घनश्याम सिंह मुश्किलों से घिरते नजर आ रहे हैं। उनके निर्वाचन को भाजपा नेता व अधिवक्ता दीपक बेलपत्री ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि घनश्याम सिंह ने चुनावी हलफनामे में 1991 में दर्ज एक FIR की जानकारी नहीं दी। मामले को लेकर सियासत गरमा गई है। दतिया से पूर्व विधायक व कांग्रेस से निष्कासित नेता राजेंद्र भारती का बड़ा बयान सामने आया है।
राजेंद्र भारती ने कहा कि घनश्याम सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय जब नामांकन पत्र भरा जाता है। उसमें शपथ पत्र देना पड़ता है। उसमें केस और प्रॉपर्टी का पूरा ब्योरा देना पड़ता है। ऐसे में प्रत्याशी का कर्तव्य रहता है कि नामांकन पत्र में पूरी जानकारी दें। लेकिन उन्होंने (घनश्याम सिंह) मेरे ऊपर आरोप लगा दिया। हालांकि मैंने नामांकन पत्र नहीं भरा था। इसलिए इसके लिए हम दोषी नहीं है। घनश्याम सिंह पर लगे आरोप सही है या गलत है, ये तो कोर्ट तय करेगा।
वहीं राजेंद्र भारती ने आगे कहा कि मुझे मीडिया या अपने साथियों से जानकारी मिली है कि घनश्याम सिंह पर 6-7 क्रिमिनल केस दायर हैं। उसमें से कुछ का उन्होंने हवाला नहीं दिया। हालांकि राजेंद्र भारती ने इसे भूल करार दिया है। उन्होंने कहा कि कभी कभी कुछ लोग समझ नहीं पाते हैं कि नामांकन पत्र में किस तरह की जानकारी सांझा करनी होती है। उन्होंने साथ ही तंज कसते हुए कहा कि यदि आप युद्ध लड़ने जा रहे हैं तो पूरी तैयारी के साथ जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहली बार तो कोई नामांकन फार्म भर नहीं रहा कि इस तरह की गलती हो जाए। बहुत सारे चुनाव लड़ चुके हैं, बहुत सारे हार चुके हैं तो ऐसे व्यक्ति से ये अपेक्षा की जाती है कि निर्वाचन आयोग द्वारा जो कुछ भी जानकारी मांगी जा रही, उसको पूरा करे। अगर कोई नामांकन पत्र में पूरी जानकारी नहीं देता तो ये प्रत्याशी की ही गलती है। बाकी यह गलती सही है या गलत ये कोर्ट तय करेगा। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि मेरे खिलाफ षडयंत्र और सांठ-गांठ करके मुझे आधी रात को कांग्रेस से निष्कासित किया गया। अब अपनी बारी आई तो उसे शांति से निपटाइए।
राजेंद्र भारती ने आरोप लगाए कि जब उपचुनाव की घोषणा हुई तो संवेदना लेने के लिए राजेंद्र भारती का नाम आगे किया। लेकिन जब नरोत्तम मिश्रा का टिकट कट गया, तो घनश्याम सिंह खुद आगे आ गए तब न राजेंद्र भारती के परिवार की याद आई न अवधेष नायक की। घनश्याम सिंह कुर्सी के लालच में थे।

