Digvijaya Singh का बड़ा दावा, प्रायोजित थे दंगे, CM की इच्छा के बिना प्रदेश में नहीं हो सकते riots, उंगली कटने पर पीएम करते हैं ट्वीट, लेकिन दंगों पर साध रखी है चुप्पी!

4/13/2022 6:51:41 PM

इंदौर (सचिन बहरानी): मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (digvijaya singh) एक दिवसीय निजी दौरे पर इंदौर पहुंचे। यहां उन्होंने मीडिया से चर्चा कर प्रदेश में हुए दंगों पर कहा यह पूरी तरह से प्रयोजित दंगे (riots in khargone) थे। बीजेपी के साथ कुछ संगठन मिल कर दंगे में भागीदारी कर रहे हैं। मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि 10 सालों तक वह मुख्यमंत्री रहे लेकिन 2003 तक एक भी दंगा नहीं हुआ। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया वरिष्ठ नेता द्वारका प्रसाद मिश्रा द्वारा कहा गया था कि मुख्यमंत्री की इच्छा के बगैर प्रदेश में दंगे हो ही नहीं सकते। जिस तरह से दंगे हुए हैं, इसकी जवाबदारी जिला प्रशासन और एसपी की होती है।

उंगली से खून निकलने पर करते हैं ट्वीट pm modi, लेकिन दंगों पर चुप्पी क्यों?: दिग्विजय सिंह

जब बाबरी मस्जिद (babri mazjid) गिराई गई थी। उस समय भी मैंने दंगे नहीं होने दिए। मेरे द्वारा कानून के तहत जो भी धार्मिक सद्भावना को भंग करने की कोशिश करता था उसे गिरफ्तार कर लिया जाता था। चाहे वह हिंदू हो या मुसलमान, सभी के खिलाफ न्यायपालिका के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाती थी। जिस तरह से दंगे हुए हैं, वह पूरी प्रशासनिक प्रणाली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है। क्योंकि उनका खुफिया तंत्र फेल हो गया है। दिग्विजय सिंह (digvijaya singh) ने आरोप लगाया कि बीजेपी, धार्मिक भावना को हथियार के रूप में उपयोग पर राजनीति करती है। पूरे मामले में जांच होना चाहिए। पत्थर कहां से आए रूट क्यों चेंज किया गया, इस बात से दुखी हूं कि प्रधानमंत्री मोदी (pm modi) किसी की उंगली से खून निकल आता है तो वह ट्वीट कर देते हैं। लेकिन देश में जिस तरह से दंगे हो रहे हैं उनका कोई भी ट्वीट या बयान अभी तक नहीं आया है। प्रदेश में कुछ लोग साधु का भेष धारण कर भड़काऊ भाषण दे रहे हैं तो वहीं कुछ मुस्लिम संगठनों पर भी सवालिया निशान खड़े करते हुए बीजेपी (bjp) का साथ देने का आरोप लगाया है। 

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खरगोन दंगे को बताया प्रयोजित दंगा: दिग्विजय सिंह

इसी के साथ उन्होंने कहा किसी पूजा स्थल पर उनकी इजाजत के बगैर झंडा फहराना कहां तक उचित है? मैंने मुख्यमंत्री रहते एक नियम बनाया था जुलूस में किसी भी तरह का कोई हथियार का उपयोग नहीं करेगा। 3 इंच से बड़ी ब्लड के लिए लाइसेंस लगेगा तो क्यों तलवार लहराई गई। दिग्विजय सिंह ने बताया कि रघुवंशी समाज द्वारा रामनवमी जुलूस बड़ी शांतिपूर्वक निकाला गया लेकिन उसी के बाद दूसरे जुलूस पर पांच स्थानों पर एक साथ पत्थरबाजी हुई। यह पूरी तरह से प्रयोजित दंगा है। इसकी जांच होना चाहिए। मैंने हमेशा सद्भाव एकता भाईचारे की बात कही है। उसके बावजूद भी मेरे ऊपर मुकदमा दायर किया गया है।    


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News Editor

Devendra Singh

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