मंत्री के नाम वाला लेटर देखते ही अफसरों को हुआ शक, फिर जो सामने आया उसने सबको चौंका दिया
Wednesday, Jul 22, 2026-04:32 PM (IST)
टीकमगढ़। मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले से सरकारी दस्तावेज़ों के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी ने अपना तबादला रुकवाने के लिए जिले के प्रभारी मंत्री के नाम से कथित रूप से फर्जी लेटर तैयार कर उसे आधिकारिक दस्तावेज़ के रूप में पेश कर दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह लेटर आधुनिक AI तकनीक की मदद से तैयार किया गया था।
जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ MPW कर्मचारी के.एल. बंशकार का स्थानांतरण 7 जुलाई 2026 को ट्रांसफर नीति के तहत किया गया था। स्थानांतरण को चुनौती देते हुए कर्मचारी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। न्यायालय से अभ्यावेदन पर सुनवाई के निर्देश मिलने के बाद उसने कलेक्टर कार्यालय में आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत किए। इन्हीं दस्तावेज़ों के साथ प्रभारी मंत्री के नाम से जारी एक अनुशंसा पत्र भी संलग्न था, जिसमें स्थानांतरण निरस्त करने की सिफारिश दिखाई गई थी।
दस्तावेज़ों के सत्यापन के दौरान कलेक्टर कार्यालय को उक्त लेटर पर संदेह हुआ। गहन परीक्षण में पाया गया कि लेटर पैड वास्तविक नहीं था, बल्कि (AI) की सहायता से तैयार किया गया फर्जी दस्तावेज़ था। मामला सामने आते ही प्रशासन ने इसे बेहद गंभीर मानते हुए तत्काल कार्रवाई की।
कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने बताया कि प्रथम दृष्टया दस्तावेज़ फर्जी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को विस्तृत विभागीय जांच के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि फर्जी दस्तावेज़ तैयार करने में कर्मचारी अकेला शामिल था या इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति या समूह की भी भूमिका है।
कलेक्टर ने यह भी बताया कि चूंकि मामला जिले के प्रभारी मंत्री के नाम और प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है, इसलिए पुलिस अधीक्षक को भी जांच के लिए पत्र भेजा गया है। पुलिस अब पूरे प्रकरण की जांच कर रही है और फर्जी लेटर तैयार करने तथा उसके उपयोग में शामिल सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
यह मामला न केवल सरकारी दस्तावेज़ों की सुरक्षा और सत्यापन व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि AI जैसी आधुनिक तकनीकों का दुरुपयोग प्रशासनिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने के लिए किस तरह किया जा सकता है। अब सभी की निगाहें पुलिस और विभागीय जांच की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं।

