कांग्रेस की सभा में अचानक पहुंच गए BJP प्रत्याशी, जीतू पटवारी ने माइक थमाया... आगे जो हुआ उसने सबको चौंका दिया
Sunday, Jul 19, 2026-05:19 PM (IST)
दतिया। विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के बीच दतिया के चिरूला गांव में रविवार को राजनीति का एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने चुनावी गर्मी के बीच सौहार्द की अलग तस्वीर पेश कर दी। कांग्रेस और भाजपा के दो प्रमुख चेहरे एक ही मंच के आसपास आमने-सामने आए, लेकिन माहौल में तल्खी नहीं बल्कि सहज संवाद देखने को मिला। यही वजह है कि यह पूरा घटनाक्रम अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
दरअसल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह के समर्थन में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उसी दौरान भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी भी अपने जनसंपर्क अभियान के तहत वहां से गुजर रहे थे। आशुतोष ने दूर से ही जीतू पटवारी का अभिवादन किया, लेकिन जीतू ने उन्हें पास बुलाते हुए कहा, इतनी दूर से क्यों जा रहे हो, पास आकर मिलो... ऐसे नहीं चलेगा।
जीतू पटवारी के आग्रह पर आशुतोष तिवारी मंच के करीब पहुंचे। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच हल्के-फुल्के अंदाज में बातचीत हुई। जीतू ने मुस्कुराते हुए कहा कि चुनाव लड़ने आए हैं तो जनता के बीच खुलकर आना-जाना भी जरूरी है।
इसके बाद आशुतोष तिवारी ने माइक संभालते हुए कहा कि राजनीतिक विचारधाराएं भले अलग हों, लेकिन आपसी रिश्ते और सामाजिक मर्यादाएं अपनी जगह कायम रहती हैं। उन्होंने उपस्थित लोगों से भाजपा के पक्ष में आशीर्वाद देने की अपील करते हुए सिर झुकाकर समर्थन मांगा।
माइक दोबारा संभालते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि जनता से आशीर्वाद मांगना हर प्रत्याशी का अधिकार है। इसी दौरान उन्होंने मौजूद लोगों से सवाल किया कि क्या उन्होंने आशुतोष तिवारी को पहले इस क्षेत्र में देखा है। इस पर भाजपा प्रत्याशी ने जवाब दिया कि वे इसी इलाके के निवासी हैं और बचपन से यहीं रह रहे हैं। इतना कहने के बाद वे अपने प्रचार अभियान के लिए आगे बढ़ गए।
कुछ मिनटों की यह मुलाकात अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई है। वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इसे लोकतांत्रिक परंपरा और राजनीतिक शिष्टाचार का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे चुनावी रणनीति और प्रचार का अलग अंदाज मान रहे हैं।
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस ने कुंवर घनश्याम सिंह को मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा ने आशुतोष तिवारी पर भरोसा जताया है। दोनों दलों के वरिष्ठ नेता लगातार चुनाव प्रचार में जुटे हैं। ऐसे में चिरूला गांव का यह अप्रत्याशित घटनाक्रम चुनावी माहौल में सबसे अधिक चर्चा बटोरने वाला पल बन गया है।

