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हनी ट्रैप की आरोपी महिलाओं का निकला BJP कनेक्शन, भोपाल से दिल्ली तक कई नेताओं से संबंध

Saturday, Sep 05, 2026-02:29 PM (IST)

भोपाल। मध्यप्रदेश के चर्चित ‘हनी ट्रैप 2.0’ मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, आरोपियों के राजनीतिक और सामाजिक संपर्कों को लेकर भी नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस की विवेचना के दौरान दर्ज बयानों में हनी ट्रैप मामले की आरोपी श्वेता जैन और रेशु उर्फ अभिलाषा चौधरी के भाजपा से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। बयानों में यह भी उल्लेख है कि श्वेता राजनीतिक गतिविधियों के सिलसिले में भोपाल और दिल्ली आती-जाती थी और कई नेताओं से उसके संपर्क थे।

पुलिस द्वारा श्वेता की गिरफ्तारी के बाद उसके बेटे शालीन से पूछताछ की गई थी। पुलिस को दिए बयान में शालीन ने बताया कि उसकी मां ने वर्ष 2008 में बच्चों के कपड़ों की दुकान शुरू की थी, लेकिन यह कारोबार अगले साल बंद हो गया। इसके बाद श्वेता ने सागर में ‘महिला जागृति कला मंच’ नाम से एक एनजीओ शुरू किया। इसी दौरान वह भाजपा की सदस्य के तौर पर भी सक्रिय रही। बयान के मुताबिक, राजनीतिक गतिविधियों के चलते श्वेता का भोपाल और दिल्ली आना-जाना रहा। वर्ष 2014 में पढ़ाई के सिलसिले में श्वेता और उसका पति भोपाल में रहने लगे थे।

रेशु के बारे में भाई ने पुलिस को क्या बताया?

मामले में आरोपी रेशु चौधरी के भाई अभिलाष ने भी पुलिस को अपना बयान दिया। उसके मुताबिक रेशु स्टेशनरी की दुकान चलाने के साथ-साथ प्रॉपर्टी से जुड़े काम भी करती थी। हालांकि, पुलिस की विवेचना रिपोर्ट और कोर्ट में पेश किए गए चालान में रेशु और श्वेता की पहली मुलाकात कब और किस परिस्थिति में हुई, इसका विस्तृत उल्लेख नहीं है। रेशु ने अपने बयान में इतना जरूर बताया कि दोनों की मुलाकात करीब तीन-चार साल पहले हुई थी और इसके बाद दोनों के बीच दोस्ती हो गई।

किन लोगों को बनाया गया निशाना? जांच पर उठे सवाल

मामले की जांच और पुलिस द्वारा पेश किए गए चालान को लेकर कुछ सवाल भी सामने आए हैं। पुलिस ने 22 मई को श्वेता और रेशु के बयान दर्ज किए थे। श्वेता के बयान के मुताबिक, कथित तौर पर चिंटू ठाकुर को ब्लैकमेल करने की योजना में रेशु को शामिल किया गया था।

बयानों में दोनों के बीच संपर्क और कथित साजिश से जुड़ी बातें सामने आती हैं, लेकिन किन-किन अन्य लोगों को ब्लैकमेल किया गया और इस पूरे नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा था, इसका स्पष्ट विवरण चालान में दिखाई नहीं देता। श्वेता के वर्ष 2022 में जेल से बाहर आने के बाद रेशु से मुलाकात का भी बयानों में जिक्र है। इसके बाद दोनों के बीच संपर्क बढ़ने की बात सामने आई है।

600 पन्नों के पूरक चालान से बढ़ी मामले की चर्चा

मध्यप्रदेश में पहले सामने आए चर्चित हनी ट्रैप प्रकरण के बाद अब ‘हनी ट्रैप 2.0’ ने एक बार फिर राजनीतिक और पुलिस महकमे में हलचल पैदा कर दी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में श्वेता जैन और रेशु उर्फ अभिलाषा चौधरी को प्रमुख आरोपी बनाया गया है।

पुलिस ने मामले में करीब 600 पन्नों का पूरक चालान कोर्ट में पेश किया है। चालान और आरोपियों से जुड़े बयानों में सामने आए तथ्यों ने मामले के राजनीतिक संपर्कों और कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

फिलहाल पूरे मामले में सामने आए आरोपों और बयानों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान ही होगी। पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर अब यह भी महत्वपूर्ण होगा कि कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े थे और जांच एजेंसी उन संपर्कों को किस तरह आगे जांचती है।


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Content Editor

Himansh sharma

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