MP BJP की प्रदेश कार्यकारिणी गठन को लेकर फंसा ये पेंच, इस चुनौती का सामना कर रही भाजपा
Tuesday, Jun 16, 2026-05:05 PM (IST)
(भोपाल ):मध्य प्रदेश भाजपा में प्रदेश कार्यकारिणी गठन को लेकर लंबे समय से इंतजार किया जा रहा है,लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस काम होता नहीं दिख रहा है। बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष को भी बने हुए 11 महीने हो चुके हैं लेकिन कोई खास प्रगति नहीं दिख रही है। पहले कार्यकारिणी के गठन को लेकर खबरें आ रही थीं लेकिन अब कार्यकारिणी गठन रुक सा गया है। कहा जा रहा है कि कार्यकारिणी गठन में कुछ पहलू आड़े आ रहे हैं जिनके वजह से ऐलान तक पहुंचने में समय लग रहा है।
क्षेत्रीय, सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधना बनी चुनौती
जानकारी आ रही है कि कार्यकारिणी गठन केवल चुनावी व्यस्तताओं के कारण नहीं रुका है बल्कि कुछ और चुनौतियों भी सामने आ रही हैं। प्रदेश कार्यकारिणी में क्षेत्रीय, सामाजिक के साथ ही राजनीतिक संतुलन साधना भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। जो खबर मिल रही है उसके अनुसार वरिष्ठ नेताओं, नए चेहरों के साथ पूर्व पदाधिकारियों और विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधित्व को लेकर मंथन पेचीदा हो रहा है। सब पहलुओं को देखकर सामंजस्य बैठाकर ही कार्यकारिणी गठन की ओर आगे बढ़ा जाएगा। यही वजह है कि अंतिम सूची पर सहमति बनने में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है।
वैसे मध्य प्रदेस में भाजपा लगातार चुनावी जीत की खुशियां मना रही है। पहले बंगाल चुनाव की जीत का उत्सव फिर राज्यसभा की तीसरी सीट की जीत का जश्न भाजपा मना रही है। हालांकि भाजपा जीत के दावे तो कर रही है लेकिन संगठनात्मक गतिविधियों मे पिछड़ रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडलेवाल को पद संभाले हुए करीब 11 महीने हो गए है लेकिन अभी तक प्रदेश कार्यकारिणी का गठन नहीं हो पाया है। इसके साथ ही कार्यकाल की पहली प्रदेश कार्यसमिति बैठक भी अब तक आयोजित नहीं हो सकी है,जिससे बड़ा सवाल उठ रहा है। वैसे पार्टी के संविधान में हर तीन महीने में कार्यसमिति की बैठक आयोजित करने का प्रावधान है लेकिन ये नहीं पा रहा है। लिहाजा बीजेपी के लिए पहले क्षेत्रीय, सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधना चुनौती बन गया है।

