Raksha Bandhan: जेल की सलाखें भी नहीं रोक पाईं बहन का प्यार, बंदी भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं बहनें
Friday, Aug 28, 2026-04:52 PM (IST)
इंदौर (सचिन बहरानी): रक्षाबंधन के पावन पर्व पर इंदौर केंद्रीय जेल में भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का भावुक नजारा देखने को मिला। मध्य प्रदेश शासन के निर्देशों के तहत जेल प्रशासन ने जेल में बंद बंदियों के लिए उनकी बहनों से विशेष मुलाकात की व्यवस्था की। सुबह से ही बड़ी संख्या में बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए केंद्रीय जेल पहुंचने लगीं। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए परिजनों के कारण जेल परिसर में काफी भीड़ नजर आई।

रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) के मौके पर बहनों को अपने बंदी भाइयों से मिलने और उनकी कलाई पर राखी बांधने का अवसर दिया गया। सुबह करीब 7 बजे से ही बहनों के जेल पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। लंबे समय बाद भाई से मिलने पहुंची कई बहनों के लिए यह पल बेहद भावुक रहा।
जेल के बाहर से सामान ले जाने पर रोक
केंद्रीय जेल के जेल अधीक्षक दिनेश कुमार के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए बाहर से किसी भी प्रकार की सामग्री जेल के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। इसके लिए जेल के बाहर विशेष काउंटर लगाए गए थे। साथ ही जेल कैंटीन के माध्यम से बहनों को राखी, कुमकुम, चावल, नारियल, केले और मिठाई के पैकेट उपलब्ध कराए गए। बहनों ने जेल के अंदर पहुंचकर अपने भाइयों के सामने बैठकर उनकी कलाई पर राखी बांधी। इसके बाद उन्हें मिठाई खिलाई और उनके सुखी एवं स्वस्थ जीवन की कामना की। इस दौरान भाई-बहन के बीच भावुक मुलाकात भी देखने को मिली।
जिन बंदियों से मिलने नहीं पहुंच सकीं बहनें, उनका भी रखा गया ध्यान
रक्षाबंधन के इस आयोजन में जेल प्रशासन ने उन बंदियों का भी ध्यान रखा, जिनकी बहनें उनसे मिलने के लिए जेल नहीं पहुंच सकीं। मुलाकात के लिए आई बहनों ने अपनी ओर से मिठाई और केले एकत्र किए। जेल प्रशासन की ओर से इन खाद्य सामग्री को उन बंदियों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि कोई भी बंदी रक्षाबंधन के पर्व पर बहन के स्नेह से पूरी तरह वंचित न रहे।
बंदियों के लिए विशेष भोजन की भी व्यवस्था
रक्षाबंधन के त्योहार को देखते हुए इंदौर केंद्रीय जेल में बंदियों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गई। त्योहार के अवसर पर बंदियों को भोजन में खीर, पूड़ी और आलू-टमाटर की रसेदार सब्जी परोसी गई। जेल प्रशासन की इस पहल से सलाखों के पीछे रह रहे बंदियों के बीच भी रक्षाबंधन का उत्साह नजर आया। त्योहार के दौरान भाई-बहन के रिश्ते की भावनात्मक मिठास बनाए रखने के लिए विशेष मुलाकात और भोजन की व्यवस्था की गई। जेल अधीक्षक दिनेश कुमार ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ बंदियों की भावनात्मक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए थे। प्रशासन का प्रयास रहा कि जेल में रहने के बावजूद बंदी भाई-बहन के इस पवित्र रिश्ते और त्योहार की खुशियों से जुड़ सकें।
इंदौर केंद्रीय जेल में रक्षाबंधन की खास बातें
- सुबह 7 बजे से बहनों का जेल पहुंचना शुरू हुआ।
- प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से परिजन भाइयों को राखी बांधने पहुंचे।
- जेल के बाहर से किसी भी सामग्री को अंदर ले जाने की अनुमति नहीं थी।
- जेल कैंटीन और विशेष काउंटर से राखी, कुमकुम, चावल, नारियल, केले और मिठाई उपलब्ध कराई गई।
- जिन बंदियों से मिलने बहनें नहीं पहुंच सकीं, उनके लिए भी मिठाई और केले की व्यवस्था की गई।
- बंदियों के लिए खीर, पूड़ी और आलू-टमाटर की रसेदार सब्जी का विशेष भोजन तैयार किया गया।

