Indore Contaminated Water Deaths: दूषित पानी से इंदौर में 23वीं मौत, भागीरथपुरा में दहशत का माहौल

Monday, Jan 12, 2026-02:04 PM (IST)

इंदौर। भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से हो रही मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को 64 वर्षीय भगवानदास पिता तुकाराम भरणे की अस्पताल में मौत हो गई। इसके साथ ही इस भयावह त्रासदी में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 23 हो चुकी है। बीते 22 दिनों में लगातार हो रही मौतों ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।

10 दिन से जिंदगी और मौत के बीच चल रही थी जंग

परिजनों के अनुसार, भगवानदास की तबीयत बिगड़ने पर पहले उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर उन्हें बॉम्बे हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीज को लाते समय ही कार्डियक अरेस्ट हो चुका था।

चिकित्सकों ने तत्काल सीपीआर देकर जान बचाने का प्रयास किया और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा, लेकिन जांच में सामने आया कि मरीज गैंग्रीन और मल्टी ऑर्गन फेल्योर जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा था।

हर दिन एक मौत, हर घर में डर

21 दिसंबर को पहली मौत के बाद से अब तक औसतन हर दिन एक व्यक्ति की जान जा रही है। दर्जनों लोग अभी भी बीमार हैं और अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। इलाके में हालात ऐसे हैं कि हर परिवार अपने बीमार परिजन को लेकर आशंकित है.. किसका अगला नंबर होगा, कोई नहीं जानता।

नलों से आ रहा बदबूदार पानी, शिकायतें बेअसर

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई दिनों तक नलों से बदबूदार और गंदा पानी आता रहा। इसकी शिकायतें संबंधित विभागों में की गईं, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब जब मौतों का आंकड़ा 23 तक पहुंच गया है, तब भी लोगों को साफ पानी मिलने की गारंटी नहीं है।

हाईकोर्ट की सख्ती भी बेअसर?

मामले में हाईकोर्ट पहले ही सख्त टिप्पणी कर चुका है और प्रशासन से जवाब भी तलब किया गया है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि हालात अब भी भयावह बने हुए हैं। सवाल यह है कि आखिर कब तक इंदौर के लोग दूषित पानी पीकर अपनी जान गंवाते रहेंगे?

प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

भागीरथपुरा की यह त्रासदी अब सिर्फ एक स्वास्थ्य संकट नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण बन चुकी है। लोगों की मांग है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और इलाके में तुरंत शुद्ध पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आगे कोई और परिवार उजड़ने से बच सके।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Himansh sharma

Related News