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खंडवा मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम को लेकर बवाल, परिजनों ने लगाए पैसे मांगने के आरोप

Sunday, Oct 11, 2026-06:08 PM (IST)

खंडवा (मुश्ताक मंसूरी): मध्य प्रदेश के खंडवा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पोस्टमार्टम में देरी को लेकर मृतक के परिजनों की नाराजगी सामने आई है। सड़क हादसे में एक युवक की मौत के बाद उसके परिजन शव लेने के लिए घंटों इंतजार करते रहे। जब काफी देर तक पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने पोस्टमार्टम कक्ष के बाहर हंगामा करते हुए अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

दरअसल, मामला खंडवा जिले के छैगांव माखन थाना क्षेत्र में इंदौर रोड का है। जानकारी के मुताबिक, बीती रात बाइक से जा रहे दो युवकों को एक तेज रफ्तार चार पहिया वाहन ने टक्कर मार दी थी। हादसे में खजुरी निवासी रविंद्र चौहान की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को खंडवा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, वहीं रविंद्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में रखा गया था।

रविवार सुबह पोस्टमार्टम में देरी होने पर मृतक के परिजनों ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि वे शनिवार शाम करीब 6 बजे से अस्पताल में मौजूद थे। परिजनों को उम्मीद थी कि रविवार सुबह तक पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और वे शव लेकर घर लौट सकेंगे, लेकिन दोपहर तक उन्हें इंतजार करना पड़ा। लंबे इंतजार से परेशान परिजनों ने पोस्टमार्टम कक्ष के बाहर विरोध जताया।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में परिजन अपनी परेशानी बताते नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि परिवार पहले ही अपने जवान बेटे को खोने के गम में है। ऐसे में शव लेने के लिए घंटों इंतजार करना उनकी परेशानी को और बढ़ा रहा है। परिजनों के मुताबिक, मृतक के छोटे-छोटे बच्चे अपने पिता के लिए रो रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।

परिजनों ने अस्पताल के कर्मचारियों पर पैसे लेकर जल्द पोस्टमार्टम करने का आरोप भी लगाया है। उनका दावा है कि पैसे देने पर पोस्टमार्टम जल्दी कर दिया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी है।

परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मेडिकल कॉलेज में इतनी बड़ी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने का दावा किया जाता है, तो पोस्टमार्टम जैसी जरूरी प्रक्रिया के लिए लोगों को घंटों इंतजार क्यों करना पड़ता है? दूर-दराज के गांवों से आने वाले परिवार पहले ही दुख और परेशानी से गुजर रहे होते हैं। ऐसे में देरी उनकी मुश्किलों को और बढ़ा देती है।

फिलहाल, पोस्टमार्टम में देरी की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। देरी के पीछे कर्मचारियों की कमी, प्रशासनिक समस्या या कोई अन्य कारण था, इसकी जानकारी सामने आना बाकी है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच और अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


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Content Editor

Himansh sharma

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