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LPG सिस्टम अपडेट से हड़कंप! मार्च की हजारों बुकिंग रद्द, उपभोक्ता परेशान

Sunday, Apr 12, 2026-11:36 PM (IST)

रायसेन। नए वित्तीय सत्र की शुरुआत के साथ एलपीजी गैस वितरण व्यवस्था में किए गए तकनीकी बदलाव अब उपभोक्ताओं के लिए बड़ी परेशानी बन गए हैं। जिले में 1 से 31 मार्च के बीच की गई हजारों गैस सिलेंडर बुकिंग अचानक सिस्टम से गायब हो गई हैं या रद्द दिख रही हैं, जिसके चलते आम लोग लगातार परेशान हो रहे हैं।

सिस्टम अपडेट के बाद बढ़ी दिक्कतें

एलपीजी वितरण प्रणाली में तकनीकी अपग्रेड और नए नियम लागू किए जाने के कारण यह स्थिति बनी है। जानकारी के अनुसार, नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत उपभोक्ता डेटा अपडेट, ई-केवाईसी अनिवार्य करने और ओटीपी आधारित डिलीवरी सिस्टम को लागू किया जा रहा है। इसी प्रक्रिया के दौरान पुरानी बुकिंग रिकॉर्ड सिस्टम से हटने की बात सामने आई है।

एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें

शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की गैस एजेंसियों पर सुबह से ही लोगों की भीड़ देखी जा रही है। उपभोक्ता घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। कई लोगों की शिकायत है कि उनकी मार्च में की गई बुकिंग अब सिस्टम में दिखाई ही नहीं दे रही।

नरापुरा, पाटनदेव, गंजबाजार, शिकारपुरा और अवंतिका कॉलोनी जैसे इलाकों में स्थिति और भी गंभीर बताई जा रही है। लोग नई बुकिंग कराने पहुंच रहे हैं, लेकिन ई-केवाईसी और मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन की अनिवार्यता के कारण प्रक्रिया अटक रही है।

ई-केवाईसी और ओटीपी बना सबसे बड़ी बाधा

नई व्यवस्था में ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। इसके बिना न तो बुकिंग हो पा रही है और न ही सिलेंडर की डिलीवरी। वहीं ओटीपी आधारित सिस्टम भी उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों और बुजुर्ग उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों के मोबाइल नंबर पुराने या बंद होने के कारण ओटीपी प्राप्त नहीं हो पा रहा, जिससे उन्हें बार-बार एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

गैस एजेंसियों ने जताई असमर्थता

गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि यह समस्या पूरे जिले में देखने को मिल रही है और इसका कारण कंपनी स्तर पर किया गया सॉफ्टवेयर अपडेट है। उनके अनुसार, पुराना डेटा हटने से बुकिंग सिस्टम प्रभावित हुआ है।

एजेंसी संचालकों ने बताया कि रोजाना सैकड़ों लोग शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन सर्वर स्लो होने और नई प्रक्रिया लागू होने से काम प्रभावित हो रहा है।

रसोई व्यवस्था पर असर

गैस सिलेंडर की आपूर्ति बाधित होने से आम घरों की रसोई व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। कई परिवारों को मजबूरी में लकड़ी या अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। कामकाजी परिवारों और छोटे बच्चों वाले घरों में स्थिति और गंभीर हो गई है।

प्रशासन से जल्द समाधान की मांग

उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन और गैस कंपनियों से जल्द से जल्द समस्या के समाधान की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि सिस्टम अपडेट किया जा रहा था तो पहले से सूचना दी जानी चाहिए थी, ताकि वे पहले से तैयारी कर पाते। फिलहाल गैस वितरण व्यवस्था को सामान्य करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन तकनीकी खामियां पूरी तरह दूर होने तक राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।


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Content Editor

Himansh sharma

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