जो बड़े बड़े दिग्गज न कर पाए वो महेश केवट ने कर दिखाया, अब राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की
Monday, Jul 20, 2026-02:20 PM (IST)
दिल्ली/भोपाल : मध्यप्रदेश के सियासी इतिहास में एक नया रिकॉर्ड दर्ज कराने वाले भाजपा नेता महेश केवट ने आज संसद में मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की। महेश केवट मध्य प्रदेश की राजनीति में पिछले 10 साल में राज्यसभा की 'तीसरी सीट' जीतने वाले पहले राजनेता हैं। प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट पर चुनाव पिछले 10 साल में तीसरी बार हुआ और दो बार भाजपा को हार का सामना करना पड़ा लेकिन इस बार का नतीजा पिछले दो नतीजों से बिल्कुल अलग रहा। ये मुकाबला इसलिए बेहद मुश्किल माना जा रहा था क्योंकि भाजपा के पास गणित आंकड़ों के हिसाब से जीत के लिए कांग्रेस के मुकाबले बेहद कम मौका था। लेकिन इसे किस्मत कहे या रणनीति कि महेश केवट बिना लड़े ही राज्यसभा चुनाव जीत गए।
भाजपा नेता श्री @MaheshKewatMP जी ने आज संसद में मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की।#OathCeremony #RajyaSabha pic.twitter.com/072SYnsckU
— BJP Madhya Pradesh (@BJP4MP) July 20, 2026
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने दी बधाई
महेश केवट के शपथ समारोह को लेकर मध्य प्रदेश के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने सोशल मीडिया के जरिए बधाई दी है। उन्होंने एक्स पर लिखा- मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण करने पर भाजपा नेता महेश केवट को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण करने पर भाजपा नेता श्री @MaheshKewatMP जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।#oathceremony #RajyaSabha pic.twitter.com/RPY9DPkYyq
— Hemant Khandelwal (@Hkhandelwal1964) July 20, 2026
महेश केवट ने तोड़ा रिकॉर्ड
महेश केवट राज्यसभा में तीसरे प्रत्याशी के रुप में 10 साल का रिकॉर्ड बनाने वाले नेता बने हैं। इससे पहले साल 2016 में बीजेपी ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर विनोद गोटिया को मैदान में उतारा था। लेकिन तब वे कांग्रेस नेता विवेक तन्खा से चुनाव हार गए थे। वहीं जून 2020 की बात करें तो उस समय भी तीसरी सीट पर कड़ा मुकाबला देखने को मिला था। उस समय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फूल सिंह बरैया मैदान में थे, लेकिन उस चुनाव में बीजेपी की तरफ से ज्योतिरादित्य सिंधिया और सुमेर सिंह सोलंकी राज्यसभा पहुंचने में कामयाब रहे थे और फूल सिंह बरैया को 18 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था।
बिना लड़े ही जीता था चुनाव
मध्य प्रदेश की राजनीति में उस समय बेहद हैरान कर देने वाला मोड़ आया था जब राज्यसभा की कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हो गया था। ऐसे में महेश केवट बिना लड़े ही तीसरे प्रत्याशी के तौर पर विजेता घोषित हुए थे। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद समीकरण कुछ ऐसे बैठे कि महेश केवट निर्विरोध ही इस 'तीसरी सीट' पर बाजी मार ले गए।

