स्कूल में बड़ा हादसा: प्रार्थना के दौरान चक्कर खाकर गिरे बच्चे, रतनजोत फल खाने से 17 बीमार
Tuesday, Jan 06, 2026-03:34 PM (IST)
खैरागढ़ (हेमंत पाल) : खैरागढ़ जिले के करमतरा स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल में मंगलवार सुबह उस समय अफरा तफरी मच गई जब प्रार्थना सभा के दौरान अचानक बच्चे एक एक कर चक्कर खाकर जमीन पर गिरने लगे। कुछ ही पलों में स्कूल परिसर में डर और चीख पुकार का माहौल बन गया। शिक्षक और अन्य बच्चे घबरा गए और तत्काल बच्चों को संभालने में जुट गए।प्रारंभिक जांच में सामने आया कि स्कूल खुलने से पहले रोज की तरह बच्चे समय से पहले स्कूल परिसर में पहुंच गए थे। इसी दौरान बच्चों ने स्कूल के आसपास लगे रतनजोत के पौधे का फल खा लिया। रतनजोत का फल जहरीला होता है जिसकी जानकारी बच्चों को नहीं थी। जैसे ही प्रार्थना शुरू हुई वैसे ही बच्चों को चक्कर आना शुरू हो गया और कुछ बच्चे बेहोश होकर गिर पड़े।

देखते ही देखते करीब 16 से 17 बच्चे बीमार हो गए। स्कूल प्रबंधन द्वारा तत्काल सभी बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जालबांधा लाया गया जहां डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार चार बच्चों पर जहरीले फल का असर ज्यादा देखा गया है जबकि बाकी बच्चों की हालत फिलहाल सामान्य और स्थिर बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एक बच्चे की हालत ज्यादा खराब होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए खैरागढ़ रेफर किया जा रहा है। अन्य बच्चों को निगरानी में रखा गया है और लगातार स्वास्थ्य जांच की जा रही है।
घटना की खबर फैलते ही पूरे करमतरा गांव में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में पालक और ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए। अस्पताल परिसर में डरे सहमे बच्चे और चिंतित माता पिता का जमावड़ा लग गया। कई पालकों की आंखों में डर साफ दिखाई दे रहा था और बच्चे भी काफी भयभीत नजर आए।

इस गंभीर घटना को लेकर जब जिला शिक्षा अधिकारी लाल जी द्विवेदी से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं थी और मीडिया के माध्यम से उन्हें इस मामले का पता चला है। उन्होंने कहा कि वे पूरे मामले की जानकारी ले रहे हैं।सबसे चिंताजनक बात यह है कि स्कूली बच्चे अस्पताल पहुंच चुके हैं गांव में तनाव और भय का माहौल है लेकिन जिले के जिम्मेदार शिक्षा अधिकारी को घटना की जानकारी नहीं होना शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। यह स्थिति स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की गंभीर कमी को उजागर करती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल परिसर और आसपास लंबे समय से रतनजोत जैसे जहरीले पौधे लगे हुए हैं लेकिन इन्हें हटाने या बच्चों को इसके खतरे से अवगत कराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों और पालकों ने मांग की है कि स्कूल परिसर की तत्काल जांच कराई जाए और जहरीले पौधों को तुरंत हटाया जाए।फिलहाल स्वास्थ्य विभाग बच्चों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। वहीं प्रशासन से भी इस मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की जा रही है। पूरा मामला खैरागढ़ जिले के करमतरा शासकीय प्राथमिक स्कूल का है।

