BJP विधायक पर बिना सरकारी आदेश के गरीबों के आशियाने तुड़वाने का आरोप! ग्रामीण बोले- हमने ही विधायक बनाया हमें ही उजाड़ दिया
Wednesday, Jun 24, 2026-06:01 PM (IST)
दमोह (इम्तियाज चिश्ती) : दमोह जिले के हटा में मंगलवार की सुबह नगर के शास्त्री वार्ड लालटेक स्थित गरीबों के घरों को हटाने जब एक पोकलेन मशीन पहुंची तो सभी आश्चर्य में पड़ गये। इस पोकलेन मशीन के साथ न तो कोई सरकारी अमला था, न ही कोई सरकारी आदेश, मशीन को देखकर आसपास के सभी लोग एकजुट हो गये और आक्रोशित महिलाएं हाथों में लाठी लेकर मशीन के पास पहुंची तो चालक ने बताया कि हटा से भाजपा विधायक उमा देवी खटीक के आदेश पर यहां के मकान गिराये जा रहे है। अतिक्रमण कार्रवाई की जानकारी मिलते ही महिलाओं व लालटेक वासियों ने केन्द्रीय स्कूल के पास चक्काजाम लगा दिया। हटा रजपुरा मार्ग पर लगे जाम की जानकारी मिलते ही पुलिस एवं राजस्व अमला मौके पर पहुंचा, तहसीलदार आलोक जैन ने बताया कि किसी भी प्रकार के कोई अतिक्रमण हटाने के आदेश नहीं है, यदि कोई आदेश होता तो मैं स्वयं वहां उपस्थित रहता। इसी बात को लेकर जाम लगा रहे लोगों ने पोकलेन मशीन को जप्त करने की मांग की। वृद्ध महिला प्रेमरति आदिवासी ने बताया कि पास ही में विधायक के परिजनों की जमीन है जहां वे कालोनी बनाना चाह रहे है, इसी को लेकर वे अतिक्रमण को हटाना चाह रही है।

श्याम रानी कुशवाहा ने बताया कि विधायक के परिजन की कुछ जमीन है पास ही में सरकारी जमीन है अब उनकी नजर इस सरकारी जमीन पर है हमी लोगों ने उन्हे विधायक बनाया अब वे काल बनकर हमारे घर उजाड़ रही है। सोनकली ने बताया कि हमारे पड़ोस में दो दिन पहले ही एक शिशु का जन्म हुआ। आज उसके सिर से छत हटाने मशीन आ गई, अब जब बारिश का मौसम शुरू हो गया तो ऐसे में हम कहां शरण पायेगें। मौके पर पहुंचे थाना टीआई सुधीर बेगी ने तीखे तेवर दिखते हुए कहा कि बगैर सूचना के चक्का जाम करना अपराध है। लोग जाम में फंसे है यदि कोई घटना होती तो सब जेल जायेगें। मौके पर सभी ने न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि क्या गरीबों के साथ इसी प्रकार का अन्याय होता रहेगा। जनप्रतिनिधि अपनी रोटी में घी लगाने के चक्कर में गरीबों की रूखी सूखी रोटी छीन रहे है। हम कहां न्याय की उम्मीद लगायें।

तहसीलदार आलोक जैन ने बताया कि निजी व्यक्तियों के द्वारा अतिक्रमण हटा जा रहा था। जिसे रोका गया है। मौके पर पोकलेन मशीन को जप्त करने की कार्यवाही की जा रही है। यह शासकीय भूमि है, 2005 में आई बाढ़ के बाद लोग यहां आकर बस गए कल ही धारा 248 के तहत कार्यवाही प्रारंभ हुई है। रेस्ट हाऊस के लिए जमीन आबंटित की गई है। तीन घण्टे चले चक्का जाम को समझाइश के बाद जाम खोला गया।

