मंच से तहसीलदार पर बरसे BJP विधायक, बोले- नामांतरण के नाम पर किसानों को परेशान करना बंद करो
Saturday, Sep 19, 2026-02:24 PM (IST)
राजगढ़। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में आयोजित मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के शिविर के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर उस समय माहौल गरमा गया, जब खिलचीपुर विधायक हजारीलाल दांगी ने मंच से ही तहसीलदार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। विधायक ने नामांतरण से जुड़े मामलों में देरी और ग्रामीणों-किसानों को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाते हुए अधिकारियों से व्यवस्था में सुधार की बात कही। गोघटपुर में आयोजित शिविर में लोगों की समस्याएं सुनने के दौरान विधायक दांगी ने जीरापुर-माचलपुर क्षेत्र में तहसीलदार के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे सुनील वर्मा को लेकर नाराजगी जाहिर की। विधायक का आरोप था कि बड़ी संख्या में नामांतरण प्रकरण लंबित हैं और लोगों को अनावश्यक रूप से दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि करीब 150 लंबित मामलों की जानकारी पहले ही कलेक्टर के संज्ञान में लाई जा चुकी है, इसके बावजूद समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई।
विधायक ने अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों और आम लोगों को प्रक्रियात्मक मामलों में बेवजह परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने नामांतरण सहित अन्य राजस्व संबंधी मामलों को समयसीमा में निपटाने पर जोर दिया। आधार से जुड़े काम सहित दूसरी नागरिक सेवाओं को लेकर भी शिविर में शिकायतें सामने आने की बात कही गई।
तहसीलदार ने मंच से रखा अपना पक्ष
विधायक की नाराजगी के बाद तहसीलदार सुनील वर्मा ने अपनी सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि किसी भी नामांतरण प्रकरण को जानबूझकर रोकने की कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिन मामलों में दस्तावेज अधूरे हैं या प्रक्रिया में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं हुई हैं, उन्हीं प्रकरणों में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई जा रही है।
मामले में जिला पंचायत सीईओ डॉ. इच्छित गढ़पाले ने अधिकारियों को समाधान की दिशा में काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित लोगों को बुलाकर कमियों की जानकारी दी जाए और निर्धारित समय के भीतर आवश्यक दस्तावेज पूरे करवाए जाएं। जिन मामलों को निरस्त किया गया है, उनमें दस्तावेज पूरे होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिकायतों के समाधान के दौरान लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
मकान ढहने की शिकायत पर भी उठे सवाल
शिविर में एक ग्रामीण ने बारिश के दौरान मकान गिरने से जुड़ी शिकायत भी अधिकारियों के सामने रखी। शिकायतकर्ता के अनुसार, घटना के बाद पटवारी ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार किया था और इसके बाद उसने माचलपुर में शिकायत दर्ज कराई।
ग्रामीण ने आरोप लगाया कि शिकायत लेकर तहसीलदार के पास पहुंचने पर उसे शिकायत वापस लेने के लिए दबाव डाला गया और शिकायत वापस नहीं लेने पर केस दर्ज कराने की बात कही गई। शिकायत सामने आने के बाद विधायक ने एक बार फिर अधिकारियों से आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लेने और शिकायतकर्ताओं को परेशान नहीं करने की बात कही।
एसडीएम लेंगी तहसीलदार से जवाब
मामले पर एसडीएम ज्योति राजोरे ने कहा कि नामांतरण के जो प्रकरण निरस्त होकर अपील के रूप में सामने आते हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाएगा। साथ ही संबंधित तहसीलदार से प्रकरणों को निरस्त किए जाने के कारणों की जानकारी भी ली जाएगी। विधायक हजारीलाल दांगी ने कहा कि तहसीलदार को बुलाकर लंबित मामलों और शिकायतों के संबंध में स्पष्टीकरण लिया जाएगा। शिविर में सामने आए इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब नामांतरण प्रकरणों के निपटारे और ग्रामीणों की शिकायतों पर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

