MP में बेरोजगारों से ठगी के आरोप में कांग्रेस नेता गिरफ्तार, 3200 युवाओं से ₹10 लाख की ठगी का मामला
Friday, Oct 16, 2026-04:36 PM (IST)
हरदा। मध्य प्रदेश के हरदा में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं से कथित धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने कांग्रेस नेता वीरेंद्र मालवीय को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि रोजगार दिलाने का भरोसा देकर 3,200 से अधिक युवाओं से रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर करीब 10 लाख रुपये वसूले गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किए जाने की जानकारी सामने आई है।
रोजगार का विज्ञापन देकर युवाओं को जोड़ने का आरोप
शिकायतकर्ताओं गणेश चौहान और कंचन लोनिया के अनुसार, वीरेंद्र मालवीय और उनसे जुड़ी संस्था 'ग्लोबल ह्यूमन एम्पावरमेंट एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन' की ओर से विज्ञापन जारी किए गए थे। इनमें युवाओं को अपने गांव या शहर में ही रोजगार उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया था। विज्ञापन में स्थानीय स्तर पर काम मिलने की बात कही गई थी, जिससे दूसरे शहरों में पलायन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
शिकायत के मुताबिक, रोजगार की उम्मीद में बड़ी संख्या में युवाओं ने संस्था से संपर्क किया। इसके बाद प्रत्येक व्यक्ति से पंजीयन शुल्क के रूप में 290 रुपये लिए गए। पीड़ितों का आरोप है कि इस तरह हजारों युवाओं से रकम एकत्र की गई, लेकिन उन्हें वादा किया गया रोजगार नहीं मिला।
दो महीने काम कराने के बाद वेतन नहीं देने का आरोप
मामले में कुछ युवाओं ने यह भी आरोप लगाया है कि उनसे लगभग दो महीने तक काम कराया गया, लेकिन मेहनताना नहीं दिया गया। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, शुरुआत में रोजगार मिलने की उम्मीद थी, मगर बाद में संस्था से जुड़े लोगों ने संपर्क करना बंद कर दिया। पीड़ितों का कहना है कि फोन करने पर भी उनकी शिकायतों का जवाब नहीं मिल रहा था।
जनसुनवाई के बाद पुलिस तक पहुंचा मामला
युवाओं ने अपनी समस्या को लेकर पहले हरदा कलेक्टर की जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई। हरदा सिटी कोतवाली पुलिस ने वीरेंद्र मालवीय को गिरफ्तार किया है।
शिकायत के अनुसार, संस्था की ओर से हरदा के अलावा बैतूल, नर्मदापुरम, खंडवा और बुरहानपुर में भी रोजगार उपलब्ध कराने का वादा किया गया था। ऐसे में जांच के दौरान यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि कथित रूप से कितने युवाओं से रकम ली गई और संस्था की गतिविधियां किन-किन क्षेत्रों में संचालित थीं।
आरोपी ने बताया साजिश का मामला
दूसरी ओर, वीरेंद्र मालवीय ने आरोपों को खारिज करते हुए संस्था को वैध बताया है। उनका कहना है कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। अब पुलिस जांच में शिकायतों, पैसों के लेन-देन और संस्था के कामकाज से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं से जुड़ा यह मामला एक बार फिर रोजगार के नाम पर शुल्क वसूलने वाली संस्थाओं की विश्वसनीयता पर
सवाल खड़े करता है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

