MP के 82 लाख किसानों के लिए बड़ी खबर! जानिए किस तारीख से मिलेगा खाद
Sunday, Aug 16, 2026-04:45 PM (IST)
भोपाल: मध्य प्रदेश में खरीफ सीजन के बीच खाद को लेकर परेशान किसानों के लिए राहत की खबर सामने आई है। सरकार ने खाद वितरण पर लगाई गई अस्थायी रोक की समयसीमा स्पष्ट कर दी है। स्टॉक का सत्यापन पूरा होने के बाद 17 अगस्त से प्रदेशभर में सब्सिडी वाले खाद की बिक्री और वितरण दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। दरअसल, सरकार ने 14 अगस्त की शाम 7 बजे से प्रदेश में सब्सिडी वाले खाद की बिक्री पर अस्थायी रोक लगाई थी। यह व्यवस्था विपणन संघ, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों, एमपी एग्रो और निजी खाद विक्रेताओं पर भी लागू की गई। इसके पीछे मुख्य वजह iFMS पोर्टल पर दर्ज स्टॉक और जमीन पर उपलब्ध वास्तविक स्टॉक का मिलान करना बताया गया है।
दो दिन की रोक से किसानों की बढ़ी चिंता
खाद की बिक्री रुकने से प्रदेश के करीब 82 लाख किसानों की चिंता बढ़ गई थी। खरीफ सीजन में धान समेत कई फसलों के लिए इस समय यूरिया और दूसरे उर्वरकों की मांग बनी हुई है। ऐसे में किसानों को यह आशंका थी कि कहीं खाद की किल्लत न हो जाए। हालांकि, किसान कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह रोक स्थायी नहीं है। 16 अगस्त की शाम तक स्टॉक वेरिफिकेशन पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और 17 अगस्त से खाद वितरण सामान्य करने की तैयारी है।
सरकार ने यह भी बताया है कि 15 और 16 अगस्त के अवकाश के बावजूद स्टॉक मिलान का काम जारी रखा जा रहा है, ताकि किसानों को लंबे समय तक खाद के लिए इंतजार न करना पड़े। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी और व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन को दी गई है।
सरकार के मुताबिक प्रदेश में पर्याप्त खाद
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल खाद का पर्याप्त भंडार मौजूद है। 1 अप्रैल से अब तक 17.04 लाख मीट्रिक टन यूरिया प्रदेश में पहुंच चुका है, जिसमें से 12.83 लाख मीट्रिक टन किसानों को वितरित किया जा चुका है। करीब 4.21 लाख मीट्रिक टन यूरिया अभी उपलब्ध बताया गया है। इसी तरह अन्य उर्वरकों का स्टॉक भी सरकार ने पर्याप्त बताया है। विभाग के मुताबिक, डीएपी की उपलब्धता और उठाव के बाद करीब 4.10 लाख मीट्रिक टन स्टॉक मौजूद है, जबकि एसएसपी का भी करीब 3.17 लाख मीट्रिक टन भंडार उपलब्ध है।
अब नजर 17 अगस्त पर
सरकार का दावा है कि प्रदेश में खाद की कमी नहीं है और स्टॉक की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए ही यह अस्थायी रोक लगाई गई है। अब किसानों की नजर 17 अगस्त पर है, जब खाद की बिक्री फिर शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, इस बीच सबसे बड़ा सवाल उन किसानों का है जिन्हें इन दो दिनों में खाद के लिए परेशान होना पड़ा। सरकार के सामने चुनौती सिर्फ वितरण शुरू करने की नहीं, बल्कि 17 अगस्त से खाद की उपलब्धता को वास्तव में सुचारु रखने और किसानों को दोबारा लंबी कतारों में खड़ा होने से बचाने की भी होगी।

