तेजतर्रार IPS और कई जिलों में SP रह चुके इस युवा अधिकारी ने अचानक छोड़ी नौकरी, इस्तीफे की वजह बताकर हर किसी को चौंकाया!
Wednesday, Nov 04, 2026-03:25 PM (IST)
भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस महकमे से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग सुजानिया ने अपनी सेवा से इस्तीफा देने का फैसला किया है। खास बात यह है कि उनकी नौकरी के करीब 22 साल अभी बाकी थे। हालांकि, फिलहाल उनका इस्तीफा सरकार की ओर से स्वीकार नहीं किया गया है। अनुराग सुजानिया ने अपना इस्तीफा पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को भेजा है। इस्तीफे में उन्होंने व्यक्तिगत कारणों के साथ एक नई नौकरी का अवसर मिलने का उल्लेख किया है। उन्होंने अपने पत्र में तबादले को इस्तीफे की वजह नहीं बताया है। ऐसे में उनके इस फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने लंबी सरकारी सेवा बाकी रहते हुए पद छोड़ने का निर्णय क्यों लिया?
दो बड़े शराबकांड के बाद चर्चा में आए सुजानिया
अनुराग सुजानिया का नाम मध्य प्रदेश में हुए दो बड़े जहरीली शराब कांड के बाद सुर्खियों में रहा है। जनवरी 2021 में जब वह मुरैना जिले के पुलिस अधीक्षक थे, उस दौरान जहरीली शराब पीने से 24 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना ने प्रदेश की कानून व्यवस्था और अवैध शराब के कारोबार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
मामले की जांच में अवैध शराब के कारोबार को लेकर पुलिस संरक्षण के आरोप भी सामने आए थे। इसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सख्त रुख अपनाया था। प्रशासनिक कार्रवाई के तहत तत्कालीन मुरैना एसपी अनुराग सुजानिया और जिले के कलेक्टर को उनके पद से हटा दिया गया था।
सागर शराबकांड के बाद भी हटाए गए
मुरैना के बाद सागर जिले में भी जहरीली शराब से मौतों का मामला सामने आया। इस घटना में 30 से अधिक लोगों की मौत होने की खबर ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। उस समय सागर के एसपी अनुराग सुजानिया थे। घटना के बाद प्रशासन ने उन्हें एसपी पद से हटा दिया।
बताया जा रहा है कि वह इस मामले की जांच से जुड़े हुए थे और तबादले से नाराज बताए जा रहे थे। हालांकि, उनके इस्तीफे में तबादले को लेकर कोई सीधा उल्लेख नहीं किया गया है। उन्होंने नई नौकरी मिलने और व्यक्तिगत वजहों को ही अपने निर्णय का आधार बताया है।
कौन हैं IPS अनुराग सुजानिया?
अनुराग सुजानिया मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं। उन्होंने एमटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की थी। यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद वर्ष 2014 में वह भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए और उन्हें मध्य प्रदेश कैडर मिला।
अपने पुलिस करियर के दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश के कई जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। वह मंदसौर और टीकमगढ़ जैसे जिलों में पुलिस अधीक्षक रह चुके हैं। उनकी पहचान एक तेजतर्रार पुलिस अधिकारी के रूप में रही है।
अभी सरकार की मंजूरी का इंतजार
अनुराग सुजानिया ने मंगलवार को अपना इस्तीफा भेजा है, लेकिन फिलहाल इसे स्वीकार किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। इस्तीफे पर अंतिम निर्णय शासन स्तर पर निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद लिया जाएगा।
सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि जिस अधिकारी की सेवानिवृत्ति में अभी करीब 22 साल का समय बाकी था, उन्होंने अचानक सरकारी सेवा छोड़ने का विकल्प चुना है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार उनके इस्तीफे को मंजूरी देती है या नहीं और वह अपने करियर की नई पारी किस क्षेत्र में शुरू करते हैं।

