यह है MP का रहस्यमयी मंदिर, यहां नि:संतान जोड़ों को मिलता है संतान सुख, हर रोज हजारों भक्त होते हैं नतमस्तक

2/16/2024 12:43:39 PM

नरसिंहपुर (रोहित अरोरा): भारत देवी देवताओं की धरती है। यहां देशभर में लाखों की संख्या में मंदिर हैं l हर मंदिर की अपनी अलग-अलग पौराणिक कथा एवं मान्यता है और बहुत से मंदिर अपने चमत्कार के कारण प्रसिद्ध हैं। इन चमत्कारों का रहस्य आज तक विज्ञान भी पता नहीं लगा पाया हैं। आज हम आपको बताने जा रहे है ऐसी ही एक रहस्यमयी जगह के चमत्कार के बारे में जिसको जानकर दिमाग ये सोचने पर मजबूर हो जाता है कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है? उन्हीं में से ये एक दादा दूल्हा देव महाराज का मंदिर हैl

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इस धरती पर कई ऐसी जगह हैं जो अपने रहस्य के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है, इनमें से एक है मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में दादा दूल्हा देव महाराज का यह मंदिर, विज्ञान के नज़रिए से देखे तो दादा महाराज का यह मंदिर दुनिया के चुनिंदा जगहों में से एक है। दादा महाराज की कई पीढ़ियों से चले आ रहे भक्ति में लीन एक भक्त ने बताया कि बहुत पहले यहां बाबा जी की एक छोटी सी मड़िया थी, एनएच का विस्तार करने के लिए जेसीबी से इस मड़िया को हटाने की बहुत कोशिश की गई लेकिन मशीनें भी मंदिर की एक ईंट तक हिला ना सकी। इसके विपरीत सड़क कार्य में लगे एक अधिकारी की इस दौरान मौत हो गई। आखिरकार यूरोप से आए इंजीनियरों को इसका हल निकाला और फ्लाइ ओवर को बाबा की मड़िया से थोड़ा दूर बनाना पड़ा। यूं कहा जाए कि मंदिर में समय समय पर यहां ऐसे कई रहस्यमय घटनाएं हुई है जिन्हें देखकर इंसानों को न चाहते हुए भी इन रहस्यमय घटनाओं पर यक़ीन करना ही पड़ा है।

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इस मंदिर में जिले के दूर दराज से भक्त दादा महाराज के दर्शन करने आते हैं। मंदिर परिसर में मौजूद दादा महाराज पे अटूट श्रद्धा रखने वाले भक्तों ने बताया कि दादा महाराज अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं। हर शनिवार को 20 से 25 हजार भक्त दादा के दर्शन करने आते हैं। जिनकी मनोकामना पूर्ण होती है वे लोग यहां भंडारा कराते हैं। हर शनिवार को 20 से 25 भंडारे होते हैं।

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लोगों की मान्यता है कि इस मंदिर में निसंतान जोड़ों को संतान प्राप्ति का सुख मिलता है। जो भी भक्त सच्चे मन से मंदिर में दादा से मांग रखता है वह पूरी हो जाती है। लोग अपने दुख लेकर आते हैं और फिर मान्यता पूरी होने पर यहां भंडारा करवाते हैं। जिस जगह महज एक छोटी से कुटिया था वहां आज हजारों भक्त यहां चहल कदमी करते दिखते हैं।


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meena

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