MP में मंत्री के निर्देश पर भी नहीं मानी बात, आयुक्त के रुख से बढ़ी शिक्षक अभ्यर्थियों की मुश्किलें
Friday, Sep 11, 2026-12:59 PM (IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती के पदों को लेकर चल रहा विवाद अब सरकार और विभागीय स्तर के बीच मतभेद की स्थिति तक पहुंचता नजर आ रहा है। वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन राजधानी भोपाल में लगातार जारी है। शुक्रवार को आंदोलन का 22वां दिन रहा। इसी बीच शिक्षा मंत्री उदयप्रताप सिंह से मुलाकात के बाद अभ्यर्थियों को उम्मीद जगी थी कि उनकी मांग पर कोई सकारात्मक फैसला हो सकता है, लेकिन लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त के कथित रुख ने उनकी चिंता और बढ़ा दी।
अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को शिक्षा मंत्री उदयप्रताप सिंह से उनके आवास पर मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल के साथ पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की ओर से उनके पीए और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल में नितिन, ईशांत, नरेंद्र राजपूत, दीप्ति और लेखा शामिल थे। अभ्यर्थियों के अनुसार, शिक्षा मंत्री ने पहले उनसे शिक्षक भर्ती में पद वृद्धि से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा था। मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित दस्तावेज मंत्री के सामने रखे। बताया गया कि मंत्री ने दस्तावेजों को देखने के बाद मामले को आगे बढ़ाने के लिए विभागीय स्तर पर बातचीत की।
मंत्री ने आयुक्त से की बात, लेकिन नियमों का आया हवाला
दस्तावेज देखने के बाद शिक्षा मंत्री उदयप्रताप सिंह ने लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त अभिषेक सिंह से फोन पर चर्चा की। अभ्यर्थियों की मांग और उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों का हवाला देते हुए पद बढ़ाने की प्रक्रिया पर आगे कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
हालांकि, अभ्यर्थियों का दावा है कि फोन पर हुई बातचीत में डीपीआई आयुक्त ने पदों में वृद्धि को मौजूदा नियमों के अनुरूप नहीं होने की बात कही। इसी के बाद पूरा मामला एक बार फिर उलझ गया।अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि विभाग के मंत्री की ओर से पद वृद्धि को लेकर निर्देश दिए जा रहे हैं, तो फिर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी नियमों का हवाला देकर उस पर असहमति कैसे जता सकते हैं। यही सवाल अब आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
आंदोलन के बीच बढ़ी बेचैनी
शिक्षक भर्ती के पद बढ़ाने की मांग को लेकर अभ्यर्थी लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि भर्ती में उपलब्ध पदों की संख्या बढ़ने से बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को अवसर मिल सकता है। इसी मांग को लेकर भोपाल में प्रदर्शन जारी है।
अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री और लोक शिक्षण आयुक्त के कथित तौर पर अलग-अलग रुख को लेकर भी नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि लगातार आश्वासन और विभागीय स्तर पर अलग-अलग जवाब मिलने से वे असमंजस में हैं। लंबे समय से चल रहे आंदोलन के कारण कई अभ्यर्थी मानसिक दबाव में होने की बात भी कह रहे हैं।
गौरतलब है कि शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षा मंत्री उदयप्रताप सिंह ने प्रदेश के शिक्षकों से जुड़ी समस्याओं के समाधान की बात कही थी। अब शिक्षक भर्ती के पदों में वृद्धि को लेकर सामने आया यह विवाद सरकार के सामने एक नई चुनौती बन गया है। फिलहाल अभ्यर्थियों की नजर इस बात पर है कि विभाग पद वृद्धि की मांग पर आगे क्या निर्णय लेता है और मंत्री के निर्देश के बाद मामले में कोई ठोस रास्ता निकलता है या नहीं।

