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ईद पर बकरे की कुर्बानी से आहत होकर मुस्लिम युवक ने अपनाया सनातन धर्म, मुंडन कर शिव मंदिर में की पूजा

Sunday, May 31, 2026-10:37 PM (IST)

खंडवा। जिले के खिरकिया क्षेत्र से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने अपने पारिवारिक और व्यक्तिगत जीवन से जुड़ी भावनात्मक असंतुष्टि के चलते सनातन धर्म अपनाने का निर्णय लिया। शनिवार को खंडवा स्थित महादेवगढ़ मंदिर परिसर में आयोजित एक धार्मिक अनुष्ठान के दौरान युवक ने विधिवत प्रक्रिया के बीच अपने नए जीवन की शुरुआत की। जानकारी के अनुसार, पेशे से बस ऑपरेटर और खिरकिया निवासी बिलाल ने मंदिर संचालक अशोक पालीवाल के समक्ष अपनी इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि वह स्वेच्छा से सनातन धर्म को अपनाना चाहता है। इसके बाद मंदिर परिसर में धार्मिक परंपराओं के अनुसार शुद्धिकरण एवं उपनयन संस्कार कराया गया, जिसमें उसका नया नाम ‘विशाल’ रखा गया।

धार्मिक अनुष्ठान के साथ हुआ संस्कार

मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विभिन्न पारंपरिक विधियों से शुद्धिकरण प्रक्रिया संपन्न कराई गई। इसमें पंचगव्य, गंगाजल एवं अन्य पारंपरिक स्नान विधियों का उल्लेख किया गया। इसके बाद युवक का मुंडन संस्कार भी कराया गया और उसे सनातन परंपराओं से परिचित कराया गया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद रहे, जिन्होंने इस आयोजन को धार्मिक उत्सव के रूप में देखा। अनुष्ठान के समापन पर महादेव की भव्य आरती भी की गई।

‘कुर्बानी की घटनाओं से आहत’ होने का भी दावा

युवक ने अपने बयान में यह भी कहा कि वह लंबे समय से धार्मिक प्रथाओं और पशु बलि/कुर्बानी से जुड़ी घटनाओं को लेकर मानसिक रूप से व्यथित था। उसके अनुसार, इन अनुभवों ने उसे आध्यात्मिक रूप से वैकल्पिक जीवन पद्धति की ओर सोचने के लिए प्रेरित किया। हालांकि यह उसका व्यक्तिगत दृष्टिकोण है।

‘नए जीवन’ की शुरुआत का दावा

जानकारी के मुताबिक, युवक ने यह निर्णय व्यक्तिगत अनुभवों और धार्मिक भावनाओं के आधार पर लिया। उसने कहा कि वह लंबे समय से आध्यात्मिक रूप से जुड़ाव महसूस कर रहा था और अब उसने सनातन जीवन पद्धति को अपनाने का निर्णय लिया है।

कार्यक्रम के अंत में मंदिर प्रबंधन की ओर से उसे धार्मिक ग्रंथ ‘रामायण’ भेंट किया गया, ताकि वह सनातन परंपराओं और मूल्यों को और गहराई से समझ सके।

स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय

यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोग इसे एक व्यक्तिगत आध्यात्मिक परिवर्तन के रूप में देख रहे हैं, जबकि सामाजिक स्तर पर इस पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।


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Content Editor

Himansh sharma

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