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मध्यप्रदेश सरकार बेचेगी शराब, संचालन की प्रक्रिया शुरू

Tuesday, Jun 09, 2020-06:33 PM (IST)

भोपाल, नौ जून (भाषा) कोविड—19 महामारी के मद्देनजर लागू लॉकडाउन की वजह से हुए भारी नुकसान के बाद शराब ठेकेदारों द्वारा अपनी करीब 70 प्रतिशत दुकानें सरेंडर करने के पश्चात मध्यप्रदेश सरकार ने इन दुकानों के संचालन की प्रक्रिया शुरू कर दी है और मंगलवार शाम या बुधवार से स्वयं शराब बेचेगी।
एक अधिकारी ने बताया कि जब तक इन दुकानों की फिर से निविदा नहीं हो जाती, तब तक इन शराब की दुकानों को सरकार ही चलाएगी। ये शराब की दुकानें पिछले करीब दो सप्ताह से बंद थीं।
मध्यप्रदेश आबकारी विभाग के आयुक्त राजीव दुबे ने ''पीटीआई—भाषा'' को मंगलवार दोपहर को बताया, ''''शराब की दुकानों को फिर से खोलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शराब की दुकानें आज (मंगलवार) शाम या कल (बुधवार) तक फिर से खुल जाएंगी।'''' उन्होंने कहा, ''''मध्यप्रदेश में करीब 1,800 शराब की दुकानों को शराब ठेकेदारों ने बंद कर दिया था। इनमें से कुछ ठेकेदारों ने अपनी दुकान फिर से खोलने का निर्णय लिया है और अपनी दुकानों को सरेंडर नहीं किया है।'''' दुबे ने बताया, ''''हमें इन दुकानों को फिर से खोलने एवं संचालन करने के लिए अमले की जरूरत है। यह एक रात का काम नहीं है।'''' उन्होंने कहा, ''''हमें इन दुकानों को चलाने से पहले सेनेटाइज करने के साथ—साथ इनकी साफ—सफाई भी करनी है।'''' खबर लिखे जाने तक मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भी आबकारी विभाग द्वारा कई शराब की दुकानों में साफ—सफाई एवं उसे सेनेटाइज करने का काम करवाया जा रहा है और दावा किया जा रहा है मंगलवार शाम से ही इनमें से कुछ में शराब बेची जा सकती है।
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने चार जून को अंतरिम आदेश जारी करके इस वित्तीय वर्ष के लिए शराब का ठेका ले चुके ठेकेदारों को कहा था कि जो शराब ठेकेदार सरकार के नए नियम के अनुसार ठेका संचालित करना चाहते हैं, वे तीन कार्य दिवस में अदालत में हलफनामा पेश करें।
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए के मित्तल तथा न्यायमूर्ति वी के शुक्ला की पीठ ने इसके अलावा कहा कि जो शराब ठेकेदार नए नियम के अनुसार ठेका संचालित नहीं कर सकते, सरकार उनकी दुकानों की पुनः निविदा कर सकती है।
अदालत ने याचिका पर अगली सुनवाई 17 जून को निर्धारित की है।
प्रदेश के 30 शराब ठेकेदारों ने अदालत में याचिका दायर करके मांग की थी कि कोविड—19 की महामारी के कारण 24 मार्च की मध्य रात्रि से लागू लॉकडाउन की वजह से वे अपनी शराब की दुकानों को नहीं खोल पाये थे। इसलिए जितने दिन उनकी दुकानें बंद रही हैं, उसका आकलन करके ठेका राशि उतनी कम की जाए। यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो उनकी जमा राशि वापस की जाए और नए सिरे से ठेके के लिए निविदा आमंत्रित की जाये।
इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा पिछले कुछ दिनों से शराब ठेकेदारों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर अदालत द्वारा लगाई गई रोक को 17 जून तक बढ़ा दिया गया था।
अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि ठेका नहीं लेने वाले ठेकेदारों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाए। प्रदेश सरकार को होने वाली राजस्व हानि पर अगली सुनवाई में विचार जाएगा।
मध्य प्रदेश सरकार एवं शराब ठेकेदारों के बीच हुई बातचीत के बाद आखिरकार प्रदेश में शराब की दुकानें छह मई बुधवार को खुल गई थीं और मदिरा की बिक्री फिर से शुरू हो गई थी।
मध्य प्रदेश में लॉकडाउन के कारण करीब छह सप्ताह से शराब की दुकानें बंद थीं। इससे न केवल राज्य सरकार बल्कि शराब ठेकेदारों को भी भारी राजस्व का नुकसान हो रहा था।


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PTI News Agency

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