MPPSC परीक्षा में सिख छात्रा की उतरवाई पगड़ी, किरपान भी हटवाई, सिख नेता ने जताई कड़ी नाराजगी

Monday, Mar 02, 2026-09:01 PM (IST)

भोपाल : मध्य प्रदेश के रतलाम में MPPSC राज्य पात्रता परीक्षा (SET) की परीक्षा के दौरान एक सिख छात्रा की पगड़ी और कृपाण उतारने की घटना पर सिख समाज में कड़ी नाराजगी देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में सीनियर अकाली नेता सुखमिंदर सिंह राजपाल घटना पर कड़ा एतराज जताया है। राजपाल ने कहा कि पूरे देश के लोग सिख धर्म के उसूलों और परंपराओं से अच्छी तरह वाकिफ हैं और सिख पगड़ी को लेकर किसी को कोई नासमझी नहीं है। लेकिन इसके बावजूद पगड़ी पर सवाल उठाना दुख देने वाला है।

उन्होंने कहा कि सिख बच्चों को परीक्षाओं में बार-बार पगड़ी पहनने से रोकना देश के संविधान का उल्लंघन है और सिखों को अपने ही देश में अलग-थलग और गुलाम महसूस कराने जैसा है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि परीक्षा स्टाफ ने माफी मांग ली है, लेकिन इस घटना से सिख भावनाओं को ठेस पहुंची है।

उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार सिख झंडों और धार्मिक निशानों के बारे में हर राज्य सरकार को आदेश जारी करे, जिसमें कहा जाए कि किसी भी परीक्षा के दौरान सिख झंडों का सम्मान बनाए रखा जाए और अगर कोई इसका उल्लंघन करता है तो सख्त कार्रवाई की जाए।

ये है पूरा मामला

मध्य प्रदेश के रतलाम में रविवार को उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब MPPSC राज्य पात्रता परीक्षा (SET) देने पहुंची एक अमृतधारी सिख छात्रा ने परीक्षा केंद्र पर चेकिंग के दौरान अपनी पगड़ी उतरवाने और किरपान हटवाकर जांच करने का आरोप लगाया। घटना के बाद स्थानीय सिख समाज में नाराज़गी फैल गई और परीक्षा केंद्र के बाहर विरोध शुरू हो गया।

जानकारी के मुताबिक, राजस्थान के चित्तौड़गढ़ की रहने वाली गुरलीन कौर रतलाम के सागोद रोड स्थित उत्कृष्ट स्कूल परीक्षा केंद्र पर दोपहर 12 बजे से 3 बजे की पाली में परीक्षा देने पहुंची थीं। परीक्षा शुरू होने से पहले की जाने वाली फ्रिस्किंग के दौरान महिला स्टाफ ने उन्हें अलग कमरे में ले जाकर डुमाला (पगड़ी) उतारने के लिए कहा।

छात्रा का आरोप है कि सुरक्षा जांच के नाम पर उनकी किरपान भी हटवाई गई और जांच के बाद वापस कर दी गई। गुरलीन कौर का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने इसे अपनी आस्था और पहचान से जुड़ा मामला बताया।

केंद्र के बाहर विरोध, प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार

घटना की जानकारी मिलते ही रतलाम के स्थानीय सिख समाज के लोग परीक्षा केंद्र के बाहर एकत्र हो गए और विरोध दर्ज कराया। हालांकि उसी समय परीक्षा केंद्र की अधिकारी द्वारा माफी मांग ली गई लेकिन समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि भले ही सुरक्षा जांच जरूरी है, परंतु धार्मिक पहचान के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है।


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meena

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