इलाज के बहाने तांत्रिक ने नाबालिग से किया रेप, 5 महीने की गर्भवती होने पर हुआ दरिंदगी का खुलासा
Tuesday, Oct 20, 2026-01:40 PM (IST)
कांकेर : छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक 44 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जो खुद को तांत्रिक (हीलर) बताता था। उस पर आरोप है कि उसने एक 14 साल की लड़की की 'बीमारी' ठीक करने के बहाने उसका रेप किया, जिससे वह गर्भवती हो गई। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। पीड़िता एक आदिवासी कन्या छात्रावास (प्री-मैट्रिक हॉस्टल) में रहती है।
यह मामला 17 अक्टूबर को तब सामने आया, जब लड़की के बीमार पड़ने पर उसके माता-पिता उसे अंतागढ़ कस्बे के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां मेडिकल जांच में पता चला कि वह पांच महीने की गर्भवती है। भानुप्रतापपुर के अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) अनिकेत अशोक फड़तरे ने यह जानकारी दी। आरोपी की पहचान रमेश कुमार पिसदा (44) के रूप में हुई है, जिसे सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। फड़तरे ने बताया कि अंतागढ़ पुलिस स्टेशन में 'जीरो FIR' दर्ज की गई थी, जिसे बाद में आगे की जांच के लिए ताडोकी पुलिस स्टेशन भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने इस मामले की जांच के लिए एक जिला-स्तरीय समिति का गठन किया है।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, लड़की के पिता ने शिकायत दर्ज कराई है कि इस साल 15 अप्रैल को जब उनकी बेटी बीमार पड़ी, तो वे उसे ताडोकी इलाके के अमागांव गांव में रहने वाले एक पारंपरिक तांत्रिक (हीलर) पिसदा के पास इलाज के लिए ले गए थे। आरोप है कि उसने लड़की के पिता से कहा कि उसकी बेटी के गर्भाशय में कोई समस्या है, जिससे भविष्य में इलाज के दौरान दिक्कतें आ सकती हैं। अधिकारी ने बताया कि उसने लड़की को एक ताबीज भी दिया था। 25 मई को, घर के कुछ काम के सिलसिले में लड़की को उसके चाचा के साथ आरोपी के घर भेजा गया था। आरोप है कि आरोपी उसे एक पूजा कक्ष (प्रेयर रूम) में ले गया और उसके साथ आए रिश्तेदार को दूसरी जगह भेज दिया।
अधिकारी ने बताया कि इसके बाद लड़की को कई बार आरोपी के पास ले जाया गया, और इस दौरान उसे उसके परिवार वालों से दूर रखा गया। पुलिस अधिकारी ने शिकायत का हवाला देते हुए बताया कि आरोपी ने लड़की को नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर दिया और फिर उसका यौन शोषण किया। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 64(1), 64(2)(m) और 65(1), तथा 'प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज' (POCSO) अधिनियम की धाराओं 4 और 6 के तहत एक मामला दर्ज किया गया है।

