छिंदारी में विश्व आर्द्रभूमि दिवस का संदेश, जल, जंगल और जीवन की रक्षा का संकल्प

Monday, Feb 02, 2026-03:28 PM (IST)

खैरागढ़ (हेमंत पाल) : खैरागढ़ जिले के छिंदारी क्षेत्र में 2 फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस केवल एक आयोजन नहीं बल्कि प्रकृति को बचाने का जन आंदोलन बनकर सामने आया। आसपास के गांवों के ग्रामीणों के साथ साथ बड़ी संख्या में स्कूल और कॉलेज के छात्र छात्राओं ने कार्यक्रम में भाग लेकर जल जंगल और जैव विविधता संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह आर्द्रभूमि से जुड़े सूचना बोर्ड के उद्घाटन के साथ हुई। इस बोर्ड के माध्यम से लोगों को बताया गया कि आर्द्रभूमियां केवल पानी से भरी जमीन नहीं बल्कि पक्षियों वन्य जीवों और मानव जीवन की रीढ़ हैं।

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इसके बाद वन मंडलाधिकारी डीएफओ पंकज राजपूत ने बच्चों और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि छिंदारी क्षेत्र कई दुर्लभ और स्थानीय जंगली पक्षियों का सुरक्षित आश्रय स्थल है। यदि आज इन जल स्रोतों और जंगलों को नहीं बचाया गया तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बच्चों से पर्यावरण प्रहरी बनने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता अभियान चलाकर लोगों ने यह संदेश दिया कि पिकनिक के नाम पर आर्द्रभूमियों को कचरा घर बनाना अब स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों युवाओं और विद्यार्थियों ने मिलकर क्षेत्र में फैले पॉलिथीन और कचरे को साफ किया जिससे पर्यावरण संरक्षण का मजबूत संदेश गया।

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आयोजन को और रोचक बनाने के लिए विद्यार्थियों के लिए बर्ड वॉचिंग गतिविधि आयोजित की गई जिसमें बच्चों ने छिंदारी क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न पक्षियों को नजदीक से देखा और उनके संरक्षण के तरीकों को समझा। यह अनुभव बच्चों के लिए सीखने के साथ साथ प्रेरणादायक भी रहा।
यह संपूर्ण कार्यक्रम छिंदारी के परिंदे क्षेत्र में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ जहां सभी उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे आर्द्रभूमि जंगल और जल स्रोतों को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी कृत्य का विरोध करेंगे। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि प्रकृति बचेगी तभी भविष्य सुरक्षित रहेगा।


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meena

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