एमपी में 3 सरकारी डॉक्टर रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचे गए, लोकायुक्त ने की बड़ी कार्रवाई
Friday, May 08, 2026-09:44 AM (IST)
बड़वानीः मध्यप्रदेश में इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने बड़वानी जिले के राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ तीन डॉक्टरों को निजी पैथोलॉजी लैब पर मरीज भेजने के एवज में रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त इंदौर के पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय ने बताया कि राजपुर स्थित सेवा पैथोलॉजी लैब के मैनेजर अदनान अली ने चार मई को विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मेडिकल ऑफिसर डॉ. अमित शाक्य, डॉ. दिव्या साईं तथा संविदा चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोहर गोदारा मरीजों को जांच के लिए निजी लैब पर भेजने के बदले कमीशन की मांग कर रहे थे। शिकायत के अनुसार पहले लैब की आय का 20 प्रतिशत कमीशन लिया जाता था, लेकिन हाल ही में इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया था। सत्यापन के दौरान डॉ. अमित शाक्य ने आठ हजार रुपए, डॉ. दिव्या साईं ने पांच हजार रुपए तथा डॉ. मनोहर गोदारा ने 12 हजार रुपए लेने पर सहमति जताई।

लोकायुक्त टीम ने गुरुवार को ट्रैप कार्रवाई करते हुए तीनों डॉक्टरों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

