एमपी में इन अधिकारियों- कर्मचारियों के ट्रांसफर तय, ऑनलाइन जारी होंगे आदेश
Saturday, May 23, 2026-01:17 PM (IST)
भोपालः एमपी में अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादलों को लेकर अहम खबर सामने आ रही है। दरअसल, कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को तबादला नीति- 2026 जारी कर दी। जिसमें ऐसे अधिकारियों, कर्मचारियों का ट्रांसफर लगभग तय है जिनका परफॉर्मेंस खराब है। यह आदेश ई-ऑफिस से ऑनलाइन किए जाएंगे।
तबादला नीति के मुताबिक, बीते वित्तीय वर्ष में तय लक्ष्य हासिल नहीं करने वाले अफसरों- कर्मचारियों का तबादला पहले किया जाएगा। इसके लिए यह अनिवार्य नहीं होगा कि तीन वर्ष पूरे होने पर ही तबादला किया जाए। निर्माण एवं नियामक स्वरूप के विभागों को छोड़ अन्य विभागों में तीन वर्ष की अवधि को तबादले का आधार नहीं बनाया जाए। वहीं, तबादला आदेश ऑनलाइन एसीएस, पीएस, सचिव विभागाध्यक्ष के ई-ऑफिस से किए जाएंगे। 15 जून के बाद ई-ऑफिस से किए आदेश शून्य माने जाएंगे। आदेश के दो सप्ताह के भीतर कार्यमुक्त करना होगा।
कम लिंगानुपात वाले 9 जिलों जैसे कि मुरैना, भिण्ड, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, छतरपुर, सागर, विदिशा और रायसेन में जहां तक संभव हो, बड़े प्रशासनिक पदों पर महिला अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही यह निर्देश भी दिया गया है कि किसी भी कार्यपालिक अधिकारी की पोस्टिंग उसके गृह जिले में नहीं की जाएगी। हालांकि अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को उनके गृह जिले में पदस्थ किया जा सकता है।
कलेक्टर, विभागीय अधिकारी, वन संरक्षक और एसपी द्वारा जारी तबादला आदेशों के खिलाफ आने वाले आवेदनों का फैसला विभागाध्यक्ष करेंगे। इसके लिए संबंधित विभागीय मंत्री की मंजूरी जरूरी होगी।
विभागों द्वारा प्रथम श्रेणी अधिकारियों के तबादलों से जुड़े मामलों का निराकरण मुख्य सचिव (सीएस) द्वारा मुख्यमंत्री की मंजूरी से किया जाएगा। वहीं द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के मामलों का फैसला विभाग के एसीएस, प्रमुख सचिव या सचिव द्वारा विभागीय मंत्री की सहमति से किया जाएगा।

