UGC नियमों का विरोध तेज, PM मोदी के खिलाफ नारे, सवर्ण समाज ने दी चेतावनी, खून से लिखा पत्र
Friday, Jan 30, 2026-07:18 PM (IST)
मुरैना। केन्द्र सरकार द्वारा लागू किए गए UGC के नए नियमों के खिलाफ मुरैना में जबरदस्त विरोध देखने को मिला। सवर्ण एकता संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में पुराने बस स्टैंड से कलेक्ट्रेट तक हजारों की संख्या में लोगों ने पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका..प्रदर्शन इतना उग्र रहा कि एम.एस. रोड करीब एक घंटे तक पूरी तरह जाम रहा। हाथों में तख्तियां लिए प्रदर्शनकारी केन्द्र सरकार और पीएम मोदी के खिलाफ नारे लगाते हुए हर चौराहे पर धरना देते नजर आए। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे प्रदर्शनकारी पुरानी कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां जमकर हंगामा हुआ।
सरकार को चेतावनी, आंदोलन होगा और उग्र
कलेक्ट्रेट परिसर में सवर्ण एकता संघर्ष मोर्चा के दिनेश डंडोतिया ने कहा कि अगर सरकार ने इस “काले कानून” को वापस नहीं लिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। अगले चरण में क्षेत्रीय सांसदों और विधायकों का घेराव किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो सरकार को जगाने के लिए और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे।
वहीं संगठन के अशोक भदौरिया ने कहा कि UGC के नए नियम सामान्य वर्ग के लिए घातक हैं। सरकार एक ओर हिन्दू कार्ड खेल रही है और दूसरी ओर सवर्ण समाज पर ऐसे नियम थोपे जा रहे हैं। यह दोहरी नीति अब नहीं चलेगी।
तीन प्रमुख मांगें रखीं
आंदोलनकारियों ने कहा कि यदि सवर्ण समाज के लोगों पर झूठे आरोप लगाए जाएं, तो फंसाने वालों पर भी कार्रवाई हो,यदि OBC वर्ग द्वारा SC-ST वर्ग से भेदभाव होता है, तो वहां भी समान कार्रवाई का प्रावधान हो,नए नियमों में सामान्य वर्ग को पहले से दोषी मानना संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) का उल्लंघन है ,जब तक आवश्यक संशोधन नहीं होते, तब तक इन नियमों को तुरंत रोका जाए।
खून से लिखा गया विरोध पत्र
UGC नियमों के विरोध में एक अलग ही तस्वीर अंबाह क्षेत्र से सामने आई। युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष हिमांशु तोमर ने अनोखे तरीके से विरोध जताया। उन्होंने मेडिकल स्टोर से सिरिंज खरीदकर अपने खून से राष्ट्रपति के नाम पत्र लिखा और UGC के नए नियमों को “काला कानून” बताया। हिमांशु तोमर ने कहा कि इन नियमों से समाज में आपसी भाईचारा कमजोर होगा और सामाजिक विभाजन बढ़ेगा। उनका यह विरोध प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है।

