धान घोटाला छिपाने के लिए पाइपलाइन बिछाकर सैंकड़ों धान की बोरियां पर डाला पानी, वीडियो सामने आते ही 4 कर्मचारी बर्खास्त

Friday, Feb 06, 2026-04:07 PM (IST)

(रायपुर): छतीसगढ़ में घोटाले को दबाने के लिए कैसे कैसे हथकंडे अपनाए जा रहे हैं इसका एक बड़ ही संगीन मामला सामने आय़ा है। धान घोटाले को दबाने पानी का इस्तेमाल करके धूल झौंकने की कोशिश की गई ताकि किसी को कुछ पता न चल सके। लेकिन ये सारी होशियारी और बेइमानी सीसीटीवी फुटेज में पकड़ा गई और जांच में अनियमितता सामने आई। इसके बाद एक्शन लेते हुए समिति प्रभारी सहित चार दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

सूखेपन को कम दिखाने के लिए धान से भरी सैकड़ों बोरियों पर डाला गया पानी

ये मामला जिले के मुनरेठी धान खरीद केंद्र का है जहां से गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं। जांच में पता चला कि सूखेपन को कम दिखाने के लिए धान से भरी सैकड़ों बोरियों पर ही पानी डाल दिया गया । हद तो तब हो गई जब  खरीद केंद्र परिसर तक एक पाइपलाइन बिछाई गई थी और धान की बोरियों का वजब बढ़ाने और सूखेपन को खत्म करने के मसकद से करीब आधे घंटे तक पानी में भिगोया गया था। गौर करने वाली बात है कि  केंद्र पर हजारों क्विंटल धान रखा हुआ था, इसकी भी परवाह नहीं की गई।

सीसीटीवी कैमरों में  हुई रिकार्डिंग देखकर प्रशासन भी रह गया स्तब्ध

वहीं इस कारगुजारी का वीडियो सामने आने पर प्रशासन के पैरों तले जमीन खिसक गई। अधिकारी हैरान रह गए कि किस तरह से पानी की पाइप लगाकर धान की बोरियों पर पानी छिड़का गया। इस बड़े गंभीर अपराध पर कमेटी इंचार्ज के साथ ही चार डेली-वेज कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। जांच में कुलेश्वर प्रसाद वर्मा (कुली), महरन राय, योगेश्वर बंजारे, और संजू ढिढ़ी की संलिप्तता पाई गई है। लिहाजा इस गंभीर मामले में जांच जारी है और प्रशासन हैरान है कि किस तरह से घोटाले को दबाने के लिए पानी का इस्तेमाल किया गया।


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Content Editor

Desh sharma

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