मनरेगा-एक्ट के खिलाफ कांग्रेसियों का हल्लाबोल, धान खरीदी की तारीख को लेकर प्रदेश भर में जोरदार प्रदर्शन

Friday, Jan 30, 2026-03:29 PM (IST)

रायपुर: महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने राज्यभर में मनरेगा बचाओ संग्राम और धान खरीदी की तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर व्यापक प्रदर्शन किया। रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, अंबिकापुर, रायगढ़, दुर्ग, गरियाबंद और रामानुजगंज समेत लगभग हर जिले और ब्लॉक स्तर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन के साथ चक्काजाम किया।

रायगढ़ जिले के कोलाईबहाल-जामगांव क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ओडिशा रोड पर चक्काजाम किया। यहां महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर ड्राई-डे घोषित नहीं किए जाने को लेकर शराब दुकान के सामने भी प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार गांधी के आदर्शों का अपमान कर रही है। रामानुजगंज में महावीरगंज चौक पर कांग्रेस ने करीब एक घंटे तक चक्काजाम किया। ब्लॉक अध्यक्ष मधु गुप्ता के नेतृत्व में राज्यपाल के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें धान खरीदी की तिथि बढ़ाने, मनरेगा कानून को पूर्ववत लागू करने और पीडीएस में चावल की कमी दूर करने की मांग रखी गई। प्रशासन की समझाइश के बाद जाम समाप्त कराया गया।

गरियाबंद जिले में देवभोग और मैनपुर क्षेत्र में कांग्रेसियों ने धान की बोरियां लेकर सड़क जाम किया। मैनपुर में NH-130C पर चक्काजाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। बाद में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर जाम स्थगित किया गया। रायपुर-जगदलपुर-ओडिशा NH-30 पर भी कांग्रेस ने चक्काजाम किया, जहां सैकड़ों कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य और पूर्व विधायक रेखचंद जैन भी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस और प्रशासन की टीम जाम खुलवाने के प्रयास में जुटी रही।

दुर्ग जिले के अंडा गांव स्थित अटल चौक पर ग्रामीण कांग्रेस ने धरना-प्रदर्शन और सांकेतिक चक्काजाम किया। वहीं बिलासपुर में नेहरू चौक पर कांग्रेस का धरना लगभग एक घंटे में समाप्त हो गया, हालांकि स्थानीय नेतृत्व ने लंबे प्रदर्शन का दावा किया। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार MGNREGA को समाप्त कर नया ग्रामीण रोजगार कानून (VB-G RAM G) लाने की तैयारी कर रही है, जिसे लेकर छत्तीसगढ़ में व्यापक विरोध हो रहा है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर किसानों और मजदूरों की मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।


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Content Editor

Vikas Tiwari

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