रेप केस दर्ज होते ही आश्रम छोड़कर भागे प्रसिद्ध महामंडलेश्वर! महिला बोली- आश्रम में किया रेप, विरोध पर पीटा
Saturday, Aug 01, 2026-05:05 PM (IST)
उज्जैन। दादू आश्रम के महामंडलेश्वर ज्ञानदास महाराज के खिलाफ दुष्कर्म, मारपीट, धमकी और ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर आरोपों में मामला दर्ज होने के बाद घटनाक्रम तेजी से बदल गया है। एफआईआर दर्ज होने की जानकारी मिलते ही वह आश्रम से चले गए। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है, जबकि उनके शिष्य का कहना है कि महाराज की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी और सीने में दर्द की शिकायत होने पर उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
महाकाल थाना पुलिस ने शुक्रवार देर रात एक महिला की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि आश्रम में रहने के दौरान उसके साथ दुष्कर्म किया गया, विरोध करने पर मारपीट की गई, जान से मारने की धमकी दी गई और आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया गया।
महिला का कहना है कि करीब डेढ़ वर्ष पहले उसकी पहचान ज्ञानदास महाराज से हुई थी। सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क बढ़ा और बाद में गुरु पूर्णिमा 2025 के दौरान वह अपने भाई के साथ दादू आश्रम पहुंची। आरोप है कि वहीं ठहरने के दौरान उसके साथ यह घटना हुई।
दूसरी ओर, ज्ञानदास महाराज पहले ही इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बता चुके हैं। उनका कहना है कि महिला पिछले काफी समय से उन्हें ब्लैकमेल कर रही थी और हनीट्रैप में फंसाने का प्रयास कर रही थी। उन्होंने दावा किया है कि इस संबंध में ऑडियो, वीडियो और अन्य दस्तावेज पुलिस को उपलब्ध करा दिए गए हैं।
एफआईआर के बाद आश्रम में हलचल का माहौल है। ज्ञानदास के शिष्य जुगलदास ने बताया कि शुक्रवार रात महाराज की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। उन्हें सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद वे उपचार के लिए अस्पताल गए। हालांकि शिष्य यह नहीं बता सके कि उन्हें किस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर, महाकाल थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी की तलाश जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आवश्यकता पड़ने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि ज्ञानदास महाराज पूर्व में शिप्रा नदी के प्रदूषण सहित कई सामाजिक मुद्दों को लेकर आंदोलन करते रहे हैं। कुछ समय पहले उनके आश्रम पर पथराव की घटना भी सामने आई थी, जिसमें उनकी कार को नुकसान पहुंचा था। फिलहाल मामले में जांच जारी है। महिला के आरोप और आरोपी पक्ष के दावों की सत्यता का अंतिम निर्णय पुलिस जांच और न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

