RSS की स्ट्रेटेजी में बहुत बड़ा बदलाव, संगठनात्मक ढांचे में ऐतिहासिक चेंज, अब प्रांत केवल मध्य प्रदेश होगा
Tuesday, Mar 17, 2026-07:10 PM (IST)
(भोपाल): RSS यानि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मध्य प्रदेश में अपनी संगठनात्मक संरचना में बहुत बड़ा बदलाव किया है। यह बदलाव काफी अहम माना जा रहा है। दरअसल आरएसएस ने भौगोलिक आधार पर प्रांत और विभाग में परिवर्तन किए हैं।जानकारी के मुताबिक अब पूरे राज्य को एक ही प्रांत के रूप में संगठित किया जाएगा। नई व्यवस्था में संभाग स्तरीय इकाइयां बनेंगी, जिनमें भोपाल, ग्वालियर, इंदौर सहित सात संभाग शामिल हैं।
प्रांत यानी राज्य केवल एक मध्य प्रदेश होगा
RSS आरएसएस की रचना में प्रांत और विभाग स्तर के परिवर्तन काफी दिशा बदलने वाले समझे जा रहे हैं। संघ में अब प्रांत यानी राज्य केवल एक मध्य प्रदेश होगा। आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में अब तक तीन प्रांत मध्य भारत, मालवा और महाकौशल हुआ करते थे। मध्य भारत प्रांत के प्रांत संघचालक अशोक पांडे ने मंगलवार को भोपाल में यह बड़ी जानकारी दी है ।
राज्य स्तर पर प्रदेश कार्यसमिति होगी
वहीं अब राज्य स्तर पर प्रदेश कार्यसमिति होगी और इसके मुखिया राज्य प्रचारक होंगे। संघ का विस्तार कार्य और समन्वय दोनों का दायित्व अलग-अलग होगा। जानकारी के मुताबिक नई व्यवस्था में संभाग प्रचारक होंगे। भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, सागर, जबलपुर , रीवा सहित सात संभाग संघ की रचना में होंगे।
अब बनेगी संभाग स्तरीय इकाई
नई संरचना के अनुसार विभागीय व्यवस्था बनी रहेगी, लेकिन उसके ऊपर संभाग स्तर की इकाई बनाई जाएगी। इसी आधार पर पदनाम और जिम्मेदारियों का निर्धारण किया जाएगा। राज्य स्तर पर प्रदेश कार्यसमिति का गठन होगा, जिसका नेतृत्व राज्य प्रचारक करेंगे।
इसके साथ ही पांडे ने बताया कि इस वर्ष को संत रविदास जन्म जयंती वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। वहीं भाजपा में प्रचारक भेजने का निर्णय भी अब क्षेत्र स्तर पर ही होगा। जाहिर है संघ ने अपनी कार्यशैली और रणनीती में बड़ा बदलाव किया है। समझा जा सकता है संघ बदलते समय के साथ समाज के साथ जुड़ने का काम कर रहा है।

