MP में मुख्यमंत्री बदलने की तमाम अटकलें हुई खारिज, केंद्र में चला ''मोहन मैजिक''
Tuesday, Aug 18, 2026-09:42 PM (IST)
भोपाल : भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा के साथ ही मध्य प्रदेश की राजनीति में CM चेहरे के बदलाव की उठी अटकलों पर आखिरकार विराम लग गया। कयासों का धुंआ छंट गया और साफ हो गया कि सीएम मोहन यादव मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर बनें रहेंगे। भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में मध्यप्रदेश के 8 नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। इसके बाद केंद्र में न सिर्फ मध्य प्रदेश की स्थिति मजबूत हुई है बल्कि सारी की सारी अफवाहें खत्म हो गई।
दतिया नतीजों के बाद अफवाहों का बाजार हुआ था गर्म
दतिया उपचुनाव में बीजेपी की हार के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में मानों भूचाल आ गया हो। हर तीसरे दिन कई बड़े दिग्गज जिनमें शिवराज सिंह चौहान, वीडी शर्मा, नरेंद्र सिंह तोमर और कैलाश विजयवर्गीय दिल्ली दौरे पर रहे। भाजपा नेताओं के दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से मुलाकातों ने मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों को हवा दी। राजनीतिक गलियारों में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कई तरह की चर्चाएं चलीं।
नई टीम ने दिया साफ संदेश
सोमवार को जैसे ही बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम घोषित की, वैसे ही मानों सारी स्थिति साफ हो गई हो। भाजपा नेतृत्व ने मध्यप्रदेश से सांसद तरुण चुघ, वीडी शर्मा, कविता पाटीदार, लाल सिंह आर्य, आशीष अग्रवाल, गजेंद्र पटेल समेत कुल 8 नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी। राज्य का यह मजबूत प्रतिनिधित्व संगठन में एमपी की बढ़ती ताकत का संकेत माना जा रहा है। इससे यह संदेश और मजबूत हुआ है कि फिलहाल डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व पर केंद्रीय नेतृत्व का भरोसा कायम है।
मोहन यादव का बढ़ा राजनीतिक वजन
नई टीम के गठन के बीच सबसे अहम संदेश यह रहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लेकर चल रही बदलाव की अटकलों पर विराम लग गया। संगठन में मध्यप्रदेश को मिली प्राथमिकता को राजनीतिक विश्लेषक मुख्यमंत्री के नेतृत्व में केंद्र के विश्वास से जोड़कर देख रहे हैं। इससे 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में मोहन यादव की भूमिका और मजबूत होती दिखाई दे रही है।
2028 की रणनीति का केंद्र बनेगा एमपी
नितिन नवीन की टीम में युवा और अनुभवी नेताओं का संतुलन रखा गया है। पार्टी ने महिला, ओबीसी और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व पर विशेष जोर दिया है। ऐसे में मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय संगठन में मिली अहम हिस्सेदारी यह संकेत देती है कि आने वाले चुनावों में राज्य बीजेपी की रणनीति का प्रमुख केंद्र रहेगा।

