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हिंदी नहीं आती थी, इसलिए नहीं मिला एडमिशन! भाषा के आधार पर भेदभाव, प्राइवेट स्कूल पर 1 लाख का जुर्माना

Sunday, Apr 19, 2026-01:13 PM (IST)

अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में एक निजी स्कूल द्वारा भाषा के आधार पर 4 वर्षीय बच्चे को प्रवेश देने से इनकार करने का मामला सामने आया है। इस गंभीर मामले को कलेक्टर अजीत वसंत ने संज्ञान में लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए।

जांच में पाया गया कि चोपड़ापारा स्थित स्वरंग किड्स एकेडमी (पेशागी एजूकेशन सोसायटी) ने बच्चे को केवल इसलिए एडमिशन देने से मना कर दिया क्योंकि वह हिंदी नहीं बोल पाता था और सरगुजिहा भाषा में बात करता था। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने यह भी कहा कि ‘यहां बड़े घरों के बच्चे पढ़ते हैं’ और शिक्षक बच्चे की भाषा नहीं समझ पाएंगे। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा द्वारा कराई गई जांच में इस कार्रवाई को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के खिलाफ और स्पष्ट रूप से भेदभावपूर्ण बताया गया। साथ ही यह भी सामने आया कि संबंधित स्कूल बिना विभागीय मान्यता के संचालित हो रहा था।

अधिकारियों ने इसे निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 का उल्लंघन माना है। जांच समिति, जिसकी अध्यक्षता रूमी घोष ने की, ने भी पूरे मामले की पुष्टि की है। नियमों के उल्लंघन के चलते स्वरंग किड्स एकेडमी पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है और स्कूल का संचालन तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि वहां पढ़ रहे बच्चों को अन्य मान्यता प्राप्त स्कूलों में एडमिशन दिलाया जाए, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।


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Content Editor

Vikas Tiwari

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