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लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी! शिवराज सिंह चौहान ने रक्षाबंधन पर किया बड़ा ऐलान, अब बढ़ेगी कमाई

Friday, Aug 28, 2026-05:36 PM (IST)

भोपाल। रक्षाबंधन के अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महिलाओं को लेकर बड़ा विजन सामने रखा। मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना की शुरुआत करने वाले शिवराज अब महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित रखने के बजाय उन्हें स्थायी आय और रोजगार से जोड़ने पर जोर दे रहे हैं। नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक रूप से मजबूत होना परिवार और समाज दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। रक्षाबंधन के मौके पर उन्होंने महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके सुख, सम्मान और समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं, जबकि कई बहनें वर्चुअल माध्यम से भी जुड़ीं।

अब मदद से आगे बढ़कर कमाई पर फोकस

शिवराज सिंह चौहान का नया फोकस स्वयं सहायता समूहों (SHG) के जरिए महिलाओं की आय बढ़ाने पर है। उनका मानना है कि सरकारी सहायता के साथ अगर महिलाओं को रोजगार, कारोबार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जाए तो वे लंबे समय तक आत्मनिर्भर बन सकती हैं।

इसी दिशा में उन्होंने महिलाओं के सामने तीन स्तरों वाला संकल्प रखा।

पहला चरण: जो महिलाएं अभी तक स्वयं सहायता समूहों का हिस्सा नहीं बनी हैं, उन्हें समूहों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

दूसरा चरण: समूहों से जुड़ी लेकिन कम आमदनी वाली महिलाओं को ऐसी आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा, जिनसे उनकी नियमित आय में इजाफा हो सके।

तीसरा और बड़ा लक्ष्य: जो महिलाएं पहले से बेहतर आय अर्जित कर रही हैं, उनकी कमाई को और ऊंचे स्तर तक ले जाकर उन्हें ‘लखपति दीदी’ से आगे ‘मिलेनियम दीदी’ बनाने की दिशा में काम करने का संकल्प लिया गया।

लाड़ली बहना के बाद अब आर्थिक आत्मनिर्भरता पर जोर

मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना के जरिए महिलाओं के खातों में हर महीने आर्थिक सहायता पहुंचाने की पहल शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री कार्यकाल में शुरू हुई थी। अब उनका जोर इस बात पर है कि महिलाओं की आर्थिक मजबूती केवल सरकारी सहायता पर निर्भर न रहे, बल्कि उनके पास खुद की कमाई का मजबूत जरिया भी हो। स्वयं सहायता समूह इस योजना में अहम भूमिका निभा सकते हैं। समूहों के माध्यम से महिलाओं को छोटे कारोबार, कृषि आधारित गतिविधियों, उत्पादन और अन्य रोजगार के अवसरों से जोड़ा जा सकता है।

क्या है लखपति दीदी का लक्ष्य?

केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से लखपति दीदी पहल शुरू की है। इसका लक्ष्य महिलाओं की वार्षिक घरेलू आय को कम से कम एक लाख रुपये तक पहुंचाना है।

इसके लिए महिलाओं को अलग-अलग व्यवसायों और रोजगार से जुड़े कौशल का प्रशिक्षण देने, बैंकिंग व्यवस्था के जरिए जरूरत के मुताबिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाता है।

अब इसी मॉडल को और आगे ले जाने की दिशा में शिवराज सिंह चौहान ने महिलाओं की आय को बड़े स्तर तक पहुंचाने का संकल्प जताया है। यानी रक्षाबंधन पर संदेश साफ है—बहनों को सिर्फ सहायता नहीं, बल्कि अपनी कमाई और आर्थिक ताकत के जरिए आगे बढ़ाना है।


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Content Editor

Himansh sharma

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